कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण में बरती गईं अनियमितताओं की शिकायत पर राष्ट्रपति कार्यालय ने कड़ा संज्ञान लिया है। फोरलेन प्रभावित एवं विस्थापित समिति की शिकायत के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार को मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं। साथ ही इसकी रिपोर्ट राष्ट्रपति कार्यालय को भेजने के लिए कहा है। इसकी एक कॉपी शिकायतकर्ता को भी देनी होगी।
राष्ट्रपति के विशेष कार्य अधिकारी आरके शर्मा ने पत्र संख्या पी2/ए/2101210027 में इसकी पुष्टि की है। राष्ट्रपति कार्यालय से जारी आदेशों के बाद प्रदेश सरकार के सचिव जन शिकायत निवारण (आरपीजी) शिमला ने अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग शिमला, अतिरिक्त राजस्व सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव वन विभाग से रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है।
राष्ट्रपति कार्यालय ने कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के दौरान अवैध डंपिंग, अवैध ब्लास्टिंग, पर्यावरण, रोड अलाइनमेंट प्लान के बाहर स्ट्रक्चर का मुआवजा आवंटन, अप्रूव रोड अलाइनमेंट प्लान के बाहर किए गए भूमि अधिग्रहण और एनएचएआई की ओर से भूमि की खरीद-फरोख्त कर मुआवजा आवंटन के बाद कब्जा न करने जैसी अनियमितताओं की जांच करने के लिए कहा है।
एनएचएआई की भू अधिग्रहण इकाई की ओर से चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए रूट बदलने, तैयार रिकॉर्ड पढ़ने योग्य न होने, अर्जित भूमि के मीटर दर्ज न होने, भूमि अधिग्रहण योजना के तहत अधिगृहीत कम भूमि का नक्शों और राजस्व रिकॉर्ड से मिलान न होने के मामले में भी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
कार्रवाई न होने पर लिखा था राष्ट्रपति को पत्र : मदन
फोरलेन प्रभावित एवं विस्थापित समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि बिलासपुर और जिला मंडी के उपायुक्तों की ओर से मामले में कार्रवाई न करने पर समिति ने प्रदेश सरकार और राष्ट्रपति को पत्र लिखा था। इसके बाद यह कार्रवाई हुई है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से मांग की गई है कि फोरलेन का निर्माण नियमों के अनुरूप हो। रोड अलाइनमेंट प्लान के बाहर ढांचे का जो मुआवजा आवंटित किया गया है, उसकी रिकवरी कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन कर नियमानुसार की जाए।