सदन में इसी माह पेश होगा प्रस्ताव, फिर सरकार की मंजूरी को जाएगा अमर उजाला ब्यूरो शिमला। राजधानी में आने वाले बाहरी राज्यों के वाहनों से जल्द ग्रीन फीस की वसूली शुरू करने की तैयारी है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर नगर निगम ने ग्रीन फीस वसूली का नया प्लान तैयार कर लिया है। वसूली की व्यवस्था के साथ ही इसके रेट में भी बदलाव किया है। इस महीने होने वाले नगर निगम सदन में इस पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा।
ग्रीन फीस वसूली के प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए वीरवार को अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा की अगुवाई में बैठक भी हुई। रिपोर्ट पेश की गई कि शहर में आने वाले बाहरी राज्यों के वाहनों से फीस वसूली के लिए अब हाइवे पर बैरियर नहीं लगेंगे। पहले तारादेवी के पास बैरियर लगाकर बाहरी राज्यों से आने वाले वाहन रोके जाते थे और उसके बाद उनसे फीस वसूली की जाती थी। इस पर विवाद हुआ जिसके बाद से यह वसूली बंद कर दी गई। अब कोर्ट के आदेश पर आनलाइन ही शुल्क भुगतान की व्यवस्था तैयार की है। एप समेत अन्य साधनों से सैलानी ग्रीन फीस का भुगतान कर सकेंगे। इसमें जो लोग भुगतान नहीं करेंगे, उनके चालान भी आनलाइन ही काटे जाएंगे। फीस का भुगतान न करने पर दो हजार रुपये तक जुर्माना हो सकता है। हालांकि, जुर्माना राशि सदन तय करेगा।
फीस दरों में भी किया है बदलाव नगर निगम ने ग्रीन फीस की दरों में भी बदलाव किया है। इसे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, कुल कितनी फीस वसूलनी है, इस पर सदन और सरकार अंतिम फैसला लेंगे। पहले दोपहिया वाहनों का 50 रुपये, छोटी कार का 200 जबकि बड़े वाहन का 300 रुपये फीस तय की थी। यह फीस सात दिन तक मान्य थी। नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि इस माह सदन में यह प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके बाद सरकार को भेजा जाएगा। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाना है।