विद्युत बोर्ड के कर्मचारी और पेंशनर ।
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राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारियों, अभियंताओं और पेंशनरों के संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संयोजक लोकेश ठाकुर और सह संयोजक हीरालाल वर्मा को चार्जशीट कर दिया गया है। सरकार और बिजली बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलने पर दोनों पर कार्रवाई की गई है। दोनों अधिकारियों को स्थानांतरित कर बिजली बोर्ड के चेयरमैन कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। उधर, प्रबंधन के आदेशों पर भड़के मोर्चा के पदाधिकारियों ने शुक्रवार दोपहर को आपात बैठक कर आदेश वापस न लेने पर सात अगस्त को बड़े प्रदर्शन का अल्टीमेटम दिया है।
लोकेश ठाकुर वर्तमान में शिमला में अधीक्षण अभियंता और हीरालाल वर्मा मुख्यालय के फाइनेंस और अकाउंट विंग में बतौर वित्त अधिकारी कार्यरत हैं। आरोप है कि 20 जुलाई को दोनों ने हमीरपुर में प्रेस वार्ता कर सरकार और प्रबंधन की नीतियों पर सवाल उठाए। आरोप है कि इन्होंने शिमला मुख्यालय छोड़ने से पहले मंजूरी नहीं ली। सेवा नियमों का हवाला देते हुए प्रबंधन ने कहा कि ये अधिकारी जिन पदों पर कार्यरत हैं, वहां रहते हुए बोर्ड और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने को अधिकृत नहीं हैं।उधर, संयुक्त मोर्चा ने शुक्रवार दोपहर बाद बोर्ड मुख्यालय में आपात बैठक कर सरकार की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई। इसे बदले की भावना से ट्रेड यूनियन के अधिकारों पर बड़ा हमला बताया और प्रबंधन के खिलाफ संघर्ष का एलान किया है।