सरकार का मानना है कि स्थानीय उद्योगपतियों की भागीदारी बढ़ने से प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। बल्क ड्रग पार्क के पहले चरण का उत्पादन दिसंबर 2026 से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए आधारभूत ढांचे के निर्माण और आवश्यक सुविधाओं के विकास का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सड़क, बिजली, पानी, सीवरेज और कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि उद्योग बिना किसी बाधा के उत्पादन शुरू कर सकें। इस परियोजना से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। अनुमान है कि बल्क ड्रग पार्क के पूरी तरह विकसित होने पर करीब 35 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
इनमें तकनीकी, उत्पादन, गुणवत्ता परीक्षण, परिवहन, पैकेजिंग और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध होंगे। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क न केवल हिमाचल को देश के प्रमुख फार्मा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करेगा, बल्कि इससे निवेश, निर्यात और औद्योगिक गतिविधियों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। सरकार देश-विदेश की अग्रणी फार्मा कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित कर रही है और स्थानीय उद्यमियों को भी परियोजना से जोड़ने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं तैयार की जा रही हैं। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि प्लॉट अलॉटमेंट पॉलिसी तैयार की जानी है। इसमें हिमाचल के उद्योगपतियों का भी ख्याल रखा जाएगा।