हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के कई पदाधिकारियों को बदलने की तैयारी है। चुनाव लड़ने के इच्छुक पदाधिकारियों को संगठन के दायित्व से मुक्त करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इस संबंध में हाईकमान अगस्त में फेरबदल करना चाह रहा है। भाजपा की राज्य कार्यकारिणी में जहां 36 पदाधिकारी हैं, वहीं इनसे भिड़ने के लिए कांग्रेस ने 261 पदाधिकारियों की जंबो कार्यकारिणी बना ली है। पहली बार ऐसा हुआ है कि कांग्रेस ने सभी खेमों में संतुलन साधने के लिए इतनी बड़ी प्रदेश कार्यकारिणी बनाई है। जहां भाजपा में एक प्रदेशाध्यक्ष है, वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के साथ चार कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। भाजपा में एक संगठन महामंत्री और तीन महासचिव हैं और कांग्रेस में 39 महासचिव हैं।
भाजपा में आठ उपाध्यक्ष हैं तो कांग्रेस में 14 वरिष्ठ उपाध्यक्ष और 28 उपाध्यक्ष हैं। भाजपा में नौ सचिव हैं तो कांग्रेस ने तो 144 सचिवों की फौज खड़ी करके नया रिकॉर्ड बनाया है। कांग्रेस में राज्य स्तर पर 33 प्रवक्ता नियुक्त किए गए हैं तो भाजपा में सात प्रवक्ता, एक मीडिया प्रभारी और पांच सह मीडिया प्रभारी बनाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा अपनी इस सूची में पदाधिकारियों की संख्या तो केवल 36 ही रखेगी, मगर इनमें ऐसे नेताओं को पदमुक्त करने की तैयारी है जो उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव और प्रवक्ता जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन वे चुनाव भी लड़ना चाह रहे हैं। इनमें जिन नेताओं को टिकट मिलने के आसार हैं, उन्हें संगठन की बड़ी जिम्मेदारियों से हटाकर अपने हलकों पर ही अधिक ध्यान देने के निर्देश जारी किए जा सकते हैं। इस पर केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर मंथन चल रहा है।
किस पार्टी में किस पद पर कितने पदाधिकारी
पार्टी वरिष्ठ उपाध्यक्ष उपाध्यक्ष महासचिव सचिव प्रवक्ता
भाजपा 0 8 4 9 7
कांग्रेस 14 28 39 144 33