कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में बैठक
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हिमाचल कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को टालने की तैयारी है। इसके लिए मंडी संसदीय सीट सहित जुब्बल-कोटखाई, फतेहपुर और अर्की विधानसभा उपचुनाव में जीत और आने वाले शिमला नगर निगम और विधानसभा चुनाव की तैयारियों का तर्क दिया गया है। कहा गया है कि उपचुनाव में जीत से नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह बरकरार है। नगर निगम शिमला, विधानसभा चुनाव की तैयारी के साथ संगठनात्मक चुनाव करवा पाना कठिन हो जाएगा, जिसका फायदा भाजपा को हो सकता है। ये सुझाव मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में बैठक के दौरान पार्टी के पदाधिकारियों ने पूर्व सांसद एवं संगठनात्मक चुनाव प्रभारी दीपा दास मुंशी के सामने रखे हैं।
मुंशी अब हाईकमान को इससे अवगत कराएंगी, जिसके बाद संगठनात्मक चुनाव टलना तय माना जा रहा है। बैठक के दौरान सिरमौर, चंबा और लाहौल स्पीति जिलों के अध्यक्षों ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में इन दिनों भारी बर्फबारी हुई है। ऐसे में 31 मार्च तक सदस्यता अभियान को पूरा कर पाना संभव नहीं है। तीनों जिला अध्यक्षों ने सदस्यता अभियान को पूरा करने के लिए जून 2022 तक का समय मांगा है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस का इन दिनों प्रदेश में सदस्यता अभियान चल रहा है। यह अभियान 31 मार्च तक चलेगा, जिसके बाद ब्लॉक से लेकर प्रदेश स्तर तक के लिए चुनाव होना है। अगर चुनाव समय पर हुए तो अक्तूबर से पहले पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा।
कांग्रेस ऑनलाइन भी चलाएगी सदस्यता अभियान : दीपा दास
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मुंशी ने कहा कि प्रदेश में पार्टी का सदस्यता अभियान ऑनलाइन भी चलाया जाएगा। पार्टी ने 1.90 लाख सदस्यता फार्म सभी जिला कमेटियों के पास भेजे हैं। उन्होंने दावा किया कि अभी तक 55 हजार लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ली है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही प्रदेश के सभी जिलों और ब्लॉकों का दौरा कर सदस्यता अभियान का जायजा लेंगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि सदस्यता अभियान पर वह स्वयं नजर रखे हुए हैं। 13 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्षों ने सदस्यता अभियान की प्रगति रिपोर्ट दे दी है।