कांग्रेस के बागी 15 पार्षद अब भाजपा के नौ पार्षदों को साथ मिलकर निर्वाचन अधिकारी को सौंपेंगे प्रस्ताव
34 सीटों वाले सदन में 24 हैं कांग्रेस के पार्षद
भाजपा का साथ मिला तो अल्पमत में होगा सदन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। नगर निगम में फिर से सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के अपने ही पार्षद अब भाजपा के साथ मिलकर मेयर के खिलाफ अविश्वास (नो कान्फिडेंस मोशन) प्रस्ताव लाने की तैयारी में जुट गए हैं।
कांग्रेस के नाराज पार्षदों ने सोमवार को बैठक कर रणनीति बनाई। बैठक में चर्चा हुई कि पार्षदों ने भाजपा के साथ मिलकर किस तरह से इस प्रक्रिया को अंजाम देना है। बताया जा रहा है कि नाराज पार्षदों के साथ भाजपा के पार्षद जिला निर्वाचन अधिकारी को इस बारे में हस्ताक्षर किए हुआ पर्चा देने जा रहे हैं। हिमाचल सरकार ने हाल ही में नगर निगम के मेयर और डिप्टी मेयर का कार्यकाल ढाई वर्षों से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दिया है। इसको लेकर अध्यादेश भी पारित हो चुका है लेकिन कांग्रेस और भाजपा पार्षद कार्यकाल बढ़ाने के फैसले से नाराज हैं। कांग्रेस शासित नगर निगम के 24 पार्षदों में से 15 पार्षद इस फैसले के विरोध में हैं। इसके साथ इन पार्षदों का भाजपा के नौ पार्षद भी समर्थन कर रहे हैं। नगर निगम में कुल 34 पार्षद हैं, ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के पार्षद मिलकर अविश्वास प्रस्ताव लाते हैं तो सदन अल्पमत में आ जाएगा।
दरअसल कांग्रेस के करीब 12 पार्षद सोमवार को स्कैंडल प्वाइंट पर लाला लाजपत राय की पुण्यतिथि पर स्कैंडल प्वाइंट पर इकट्ठा हुए थे। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव पर किस तरह भाजपा पार्षदों के साथ कार्य करना है इस बारे में चर्चा की। कांग्रेस और भाजपा समेत 21 महिला पार्षद जीतकर सदन में पहुंची हैं। ऐसे में नाराज चल रहे कांग्रेस और भाजपा पार्षद मेयर पद किसी महिला को सौंपने की मांग कर रहे हैं।
कोर्ट में दायर याचिका का 27 को आएगा फैसला
मेयर का कार्यकाल बढ़ाने के खिलाफ हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर हुई है। इस पर सरकार और महापौर से जवाब मांगा गया है। इसकी सुनवाई 27 नवंबर को होनी है। ऐसे में कोर्ट से आए फैसले पर भी कांग्रेस के पार्षद नजर टिकाए हुए हैं।