संभव है कि नए साल से प्रदेश में यह व्यवस्था लागू होगी। सरकार ने धनाड्य उपभोक्ताओं को बिजली दरों में दी जा रही सब्सिडी जुलाई में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बंद करने का फैसला लिया था। अन्य उपभोक्ताओं को भी एक परिवार-एक मीटर के आधार पर ही सस्ती बिजली देने का निर्णय लिया गया है। सरकार प्रतिमाह 300 यूनिट तक बिजली खपत करने पर ही घरेलू उपभोक्ताओं को सब्सिडी दे रही है। एक अक्तूबर से 300 यूनिट से अधिक खपत करने पर एक रुपये की सब्सिडी बंद कर दी गई है। जबकि 300 प्रतिमाह यूनिट से कम बिजली की खपत करने वालों को स्लैब के अनुसार 1.83 से 3.53 रुपये यूनिट सब्सिडी मिलती रहेगी।
800 करोड़ रुपये की बचत होगी साल में
लाखों उपभोक्ताओं की सब्सिडी और निशुल्क बिजली बंद होने से सरकार को साल में 800 करोड़ रुपये की बचत होगी। उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली देने के लिए राज्य सरकार प्रतिवर्ष बिजली बोर्ड को 1,200 करोड़ रुपये की सब्सिडी देती है। इसके अलावा प्रतिमाह 125 यूनिट तक घरेलू उपभोक्ताओं को निशुल्क बिजली देने की एवज में बोर्ड को 100 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में 25 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ता हैं।
मंत्रिमंडल में लिए गए बिजली सब्सिडी बंद करने के फैसले पर काम शुरू कर दिया गया है। आयकर देने वालों का आंकड़ा जुटाया जा रहा है। प्रदेश सरकार की मंजूरी लेने के बाद उपभोक्ताओं की सब्सिडी बंद कर दी जाएगी। - संदीप कुमार, प्रबंध निदेशक राज्य बिजली बोर्ड
बिजली यूनिट और सब्सिडी की दरें (रुपये में)
पहला स्लैब बिजली दरें सब्सिडी/यूनिट लागू दरें
0-60 4.72 4.72 00
0-125 5.60 5.60 00
दूसरा स्लैब
0-125 5.60 3.53 2.07
126-300 6.00 1.83 4.17