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Shimla News: कमर्शियल सिलिंडर महंगा होने से मिठाई के दाम बढ़ाने की तैयारी

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कारोबारी बोले, अब दाम बढ़ाना बन गई है मजबूरी
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ज्यादा रेट बढ़ाने से कारोबार प्रभावित होने का भी डर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम में हुई 993 रुपये की वृद्धि ने मिठाई बनाकर बेचने वाले कारोबारियों और रेस्तरां मालिकों की परेशानी बढ़ा दी है। अब उनके पास अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया है।

कुछ कारोबारियों ने बढ़े खर्च को पूरा करने के लिए उत्पादों के दाम बढ़ाना शुरू कर दिए हैं, तो अन्य दाम बढ़ाने की सोच रहे हैं। इस दुविधा की मूल वजह एक ओर अपने बढ़े खर्च को पूरा करने के लिए दाम बढ़ाना है, वहीं दूसरी ओर दाम अधिक बढ़ा दिए तो इसके कारोबार पर भी असर पड़ने का डर सता रहा है। कारोबारी मान रहे हैं कि दाम बढ़ाने का सीधा असर इन उत्पादों को खरीदने वाले आम ग्राहक पर ही पड़ेगा। आम आदमी जो पहले से महंगाई से परेशान है, उसे और अधिक दाम बढ़ जाने पर मजबूरन मिठाई खाने और रेस्तरां में खाना खाने को लेकर अपना मन मारने पर मजबूर होना पड़ेगा।
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राजधानी शिमला के मिठाई कारोबारियों ने सिलिंडर के दाम बढ़ने पर अपने उत्पादों के रेट में आंशिक वृद्धि करना शुरू भी कर दी है। शहर के मेहरू हलवाई मिठाई कारोबारी के मालिक नवीन लखनपाल ने बताया कि अभी तक मिठाई के पुराने रेट ही रखे हैं, लेकिन दाम बढ़ाना अब मजबूरी है। जल्द ही इस पर फैसला लेना पड़ेगा। मिठाई के रेट अभी चार सौ से 650 रुपये प्रति किलो तक हैं।
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प्रतिकिलो साथ रुपये बढ़ाए हैं दाम

शहर के आशियाना स्वीट्स एंंड रेस्तरां मालिक कार्तिक चड्ढा ने बताया कि बढ़े गैस सिलिंडर के खर्च को पूरा करने को रेट बढ़ाना मजबूरी बन गई है। हर मिठाई में प्रति किलो में पांच से सात रुपये बढ़ाए हैं। इससे ज्यादा बढ़ा भी नहीं सकते क्योंकि कारोबार प्रभावित होगा। शिमला का ग्राहक मासिक वेतन वाला है। रेट अधिक बढ़ा दिए तो उसे मिठाई जैसी आइटम को खरीदना बंद कर अपना मन मारने पर मजबूर होना पड़ेगा।
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