फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल: पुराने बीएड डिग्री धारकों को राहत देने के लिए रास्ता निकालने की तैयारी

Sat, 26 Sep 2020 12:59 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
विज्ञापन
बीएड लोगो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

दो साल का बीएड कोर्स करने वालों के लिए साल 2030 के बाद भी नौकरी के दरवाजे खुले रहें, इसके लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में किए गए नए प्रावधान में राहत देने का रास्ता निकाला जाएगा। केंद्र सरकार ने साल 2030 के बाद सिर्फ चार साल का बीएड कोर्स करने वालों को ही शिक्षक बनने के लिए पात्र बताया है।

विज्ञापन


ऐसे में प्रदेश के हजारों पुराने डिग्री धारकों के हित में हिमाचल सरकार जल्द ही केंद्र सरकार के समक्ष मामला उठाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर केंद्र सरकार को भेजी जानी वाली रिपोर्ट में भी इस समस्या का उल्लेख किया जाएगा। 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्पष्ट किया गया है कि चार वर्ष का बीएड कोर्स करने वालों को ही साल 2030 के बाद नौकरी के लिए पात्र माना जाएगा। इसके लिए जल्द ही प्रदेश के कॉलेजों में फर्स्ट ईयर से ही एजूकेशन विषय को पूरी तरह से शुरू किया जाना है। तीन साल तक कॉलेज और एक वर्ष का बाद में एजूकेशन विषय की पढ़ाई करने वालों को ही बीएड की डिग्री मिलेगी।
विज्ञापन


इसके लिए प्रदेश में बीएड का पाठ्यक्रम भी बदला जाना है। इसी बीच प्रदेश के उन हजारों बीएड धारकों के सामने संकट खड़ा हो गया है, जिन्होंने दो साल का बीएड कोर्स किया है। शिक्षा सचिव राजीव शर्मा का कहना है कि इस मामले को केंद्र सरकार से उठाया जाएगा। इस मामले को लेकर अभी विस्तृत गाइडलाइन आनी है। उम्मीद है कि दो साल का बीएड कोर्स करने वालों को इसके तहत राहत दी जाएगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें