प्रदेश में अटल स्कूल वर्दी योजना का नाम बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। इस योजना के तहत हर वर्ष पहली से 12वीं कक्षा के करीब साढ़े आठ लाख विद्यार्थियों को मुफ्त स्मार्ट वर्दी दी जाती है।
हिमाचल प्रदेश में अटल स्कूल वर्दी योजना का नाम बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। इस योजना के तहत हर वर्ष पहली से 12वीं कक्षा के करीब साढ़े आठ लाख विद्यार्थियों को मुफ्त स्मार्ट वर्दी दी जाती है। वर्ष 2017 में भाजपा ने सरकार बनते ही महात्मा गांधी वर्दी योजना का नाम बदलने का फैसला लिया था। अब सत्ता में लौटते ही कांग्रेस सरकार ने स्मार्ट स्कूल वर्दी के टेंडर अवार्ड करने पर रोक लगा दी है। आगामी कैबिनेट बैठक में इस योजना के भविष्य का फैसला होगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के माध्यम से सरकारी स्कूलों में स्मार्ट वर्दी का आवंटन किया जाता है।
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निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में रंग बिरंगी वर्दी छात्र-छात्राओं को दी जाती है। योजना के तहत पहली से जमा दो कक्षा के विद्यार्थियों को स्मार्ट वर्दी के दो-दो सेट दिए जाते हैं। पहली से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को वर्दी की सिलाई का प्रति सेट 100 रुपये अलग से दिए जाते हैं, जबकि जमा एक और जमा दो के विद्यार्थियों को सिलाई का पैसा नहीं दिया जाता है। पहली से 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाली छात्राओं के लिए लाल, काले और सफेद रंग की चेकदार वर्दी दी जाती है। छठी से बारहवीं तक की छात्राओं को दुपट्टा भी दिया जाता है। लड़कों की वर्दी हरे रंग की पेंट और हरे रंग की चेक कमीज है।