भाजपा और कांग्रेस ने विधायक दल की बैठकें कर सत्र के लिए अपनी-अपनी रणनीति बनाई। नवगठित विधानसभा के पहले सत्र की शुरुआत सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह से होगी। दिनभर शपथ ग्रहण समारोह चलेगा। 10 जनवरी को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा।
अध्यक्ष पद के लिए नाहन से विधायक डॉ. राजीव बिंदल का नाम लगभग तय माना जा रहा है। बुधवार 12:30 बजे राज्यपाल अभिभाषण पढ़ेंगे। 11 जनवरी को सुबह 11 बजे शोक उद्गार के बाद उपाध्यक्ष का चुनाव होगा।
उसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और सत्तापक्ष-विपक्ष अभिभाषण पर चर्चा करेंगे। 12 जनवरी को भी अभिभाषण पर चर्चा होगी और उसके बाद सदन की कार्यवाही अगली बैठक तक के लिए स्थगित कर दी जाएगी।
राज्यपाल के अभिभाषण पर आम लोगों के साथ ही विपक्ष की भी नजर रहेगी। सत्ता में आने से पहले भाजपा ने जिन मुद्दों पर अपना दृष्टिपत्र जारी किया था, उनमें से कई मुद्दों के अभिभाषण में शामिल होने की उम्मीद है।
इनमें कानून व्यवस्था सुधारने, वन माफिया, तबादला माफिया जैसे मसलों पर सरकार क्या कदम उठाएगी, इसकी जानकारी होगी। गुड़िया, अटल और होशियार सिंह हेल्पलाइन की भी जानकारी दी जा सकती है। नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और वित्तीय संकट से निपटने के उपायों का भी उल्लेख कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश की 13वीं विधानसभा के पहले सत्र के लिए मंत्रियों, प्रमुख अधिकारियों और कर्मचारियों के धर्मशाला रवाना होने के बाद राज्य सचिवालय सूना-सूना हो गया है।
प्रदेश सचिवालय में मंत्रियों के दफ्तरों के अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, सचिवों आदि तमाम आला अधिकारियों के कार्यालयों में सन्नाटा छाया रहा। अब प्रदेश सचिवालय में दोबारा से रौनक अगले सप्ताह के बाद ही नजर आएगी, जब सरकारी अमला शिमला लौटेगा।
नई सरकार बनने के बाद बड़े दिनों से राज्य सचिवालय में एक तरह से हलचल बनी हुई थी, लेकिन सोमवार को यहां सूनापन ही ज्यादा नजर आया। मंत्रियों की कुर्सियां जहां खाली पड़ी रहीं, वहीं उनके निजी स्टाफ के कई अधिकारी और कर्मचारी भी यहां उपस्थित नहीं थे।
वे सब धर्मशाला की ओर रवाना हो चुके थे। राज्य सचिवालय के एलर्जली भवन में मंत्रियों के दफ्तरों में फोन सुनने के लिए या बाहर से आने वाले डाक देखने के लिए इक्का-दुक्का कर्मचारी ही बैठे रहे।
यही हाल आला अफसरों के कार्यालयों केे रहे। इसी तरह आर्म्सडेल भवन में भी आला अधिकारियों से लेकर अनुभाग अधिकारियों की कुर्सियां खाली थीं। बताया जा रहा है कि ये सभी भी धर्मशाला गए हैं।