जिसके तहत पर्ची काउंटर पर बनने वाली मरीज की ऑनलाइन पर्ची में उनका नंबर भी लिया जा रहा है, जोकि सीधे मंत्रालय के सोफ्टवेयर के साथ जुड़ा हुआ है। इसके बाद मंत्रालय कुछ समय के बाद सीधे मरीज के बात करेगा कि वह अस्पताल की व्यवस्था से कितने संतुष्ट हैं।
इसके बाद ही अस्पतालों की ग्रेडिंग की जाएगी और लाभ भी मिलेंगे। अस्पताल से प्राप्त होने वाले आंकड़ों में से कुछेक नंबर छांटकर मंत्रालय के अधिकारी सीधे मरीज से बात करें कि क्या वह उनके जोनल अस्पताल में मिल रही सुविधाओं से संतुष्टि हैं या नहीं।
मरीजों से मिलने वाली फीडबैक के अनुपात का आंकलन करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय अस्पताल को जरूरी दिशा निर्देश जारी करेगा। जोनल अस्पताल धर्मशाला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा दिनेश महाजन ने बताया कि अपना अस्पतालयोजना शुरू कर दी गई है, जिसमें मरीजों को मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा।