तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिला मुख्यालयों से सटे औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कई ट्रेड के आवश्यकता से अधिक शिक्षक हैं। दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित संस्थानों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने के बावजूद शिक्षकों की कमी है। ऐसे में अब शिक्षकों का युक्तिकरण किया जाएगा। विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से सभी संस्थानों में पर्याप्त शिक्षक तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा विद्यार्थियों की कम संख्या वाले संस्थानों को मर्ज करने का भी विचार है। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने ऐसे संस्थानों की रिपोर्ट निदेशालय से तलब की है। कम विद्यार्थियों की संख्या वाले आईटीआई से नजदीकी आईटीआई कितनी दूरी पर है, वहां कितने दाखिले हैं। इसको लेकर भी रिपोर्ट देने को कहा गया है। जिन संस्थानों को मर्ज किया जाएगा, वहां से ट्रेड भी दूसरे संस्थान में शिफ्ट होंगे।
जल्द लेंगे फैसला
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बताया कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की मजबूती के लिए शिक्षकों के युक्तिकरण और संस्थानों को मर्ज करने का विचार है। जल्द ही इस बारे में फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालयों के अलावा अन्य क्षेत्रों में स्थिति संस्थानों में भी शिक्षकों के पर्याप्त पद होना आवश्यक है। ऐसे में शहरों में पास ही नौकरी करने की जगह शिक्षकों को अन्य क्षेत्रों को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।