वहीं, राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने शनिवार को प्रदेश के राजकीय और निजी विश्वविद्यालयों के आठ कुलपतियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस से बैठक की। उन्होंने ऑनलाइन लर्निंग मॉड्यूल्स और सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग के साथ-साथ लोगों तक जागरूकता संदेश पहुंचाने के लिए अन्य तरीकों से कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए सरकारी स्तर पर उठाए जा रहे कदमों में योगदान देने पर चर्चा की। बैठक के दौरान सभी कुलपतियों ने राज्यपाल को लॉकडाउन व उनकी ओर से की गई विभिन्न पहलों के बारे में जानकारी दी।
राज्यपाल ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में जनता की एकता को दर्शाने के लिए रविवार को रात नौ बजे सभी लाइटें बंद करने और इसके अलावा मोबाइल फ्लैश लाइट, टॉर्च या दीपक जलाने की प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने लोगों से सामाजिक दूरी बनाए रखने और सुरक्षा उपायों में ढील न बरतने पर भी बल दिया। इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि इस स्थिति में ऑनलाइन शिक्षा ही एकमात्र विकल्प है और इस विकल्प को सकारात्मक रूप से अपनाया जाना चाहिए ताकि कोर्स पूरे किए जा सकें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से विभिन्न ऑनलाइन स्टडी बेवसाइट तैयार की गई हैं। इन साइटों के उपयोग से विद्यार्थी घर से ही पढ़ाई कर सकते हैं। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर ने कांफ्रेंस का संचालन किया।