उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग ने बीते दिनों इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन से दो कंपनियों के चयन को लेकर सवाल पूछे थे। इसका जवाब आने के बाद निदेशालय ने मामले की पूरी रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेज दी है।
लैपटॉप खरीद के लिए पहली बार दो कंपनियों का भी चयन किया गया है। एल वन कंपनी को 60 फीसदी और एल टू कंपनी को 40 फीसदी सप्लाई ऑर्डर देने की बात कही गई है। राज्य इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन ने टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड के बाद दो कंपनियों का चयन किया है।
बजट बढ़ने से शिक्षा निदेशालय की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वित्त महकमे से अतिरिक्त बजट मिलने की उम्मीद कम होने के चलते टेंडर को रद्द कर नए सिरे से टेंडर करने की तैयारी की जा रही है।