नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि हिमाचल सरकार भले ही तुच्छ राजनीति के चलते केंद्र सरकार पर भेदभाव के आरोप लगाती रही हो। लेकिन वास्तविकता यह है कि पिछले दो वर्षों में मोदी सरकार ने प्रदेश में आधारभूत ढांचे के विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य करके आलोचकों को कड़ा जवाब दिया है।
मात्र दो दिनों के अंतराल में मोदी सरकार ने सामरिक महत्व की मंडी-मनाली-लेह रेलवे लाइन के फाइनल सर्वे और बिलासपुर में हाइड्रो इंजीनियरिंग कालेज के निर्माण को मंजूरी देकर प्रदेश में विकास के नए द्वार खोल दिए हैं।
धूमल ने कहा कि इस रेल लाइन के बनने से न केवल देश की सीमाएं और सुरक्षित होंगी बल्कि प्रदेश में आधारभूत ढांचे के विकास, पर्यटन और बागवानी के विकास को मदद मिलेगी। लगभग 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाली इस परियोजना से प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
2009 में प्रदेश के लिए हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की मंजूरी मिलने के पश्चात प्रदेश सरकार ने तत्काल लगभग 62 बीघा जमीन बिलासपुर के बंदला में उपलब्ध करवाई थी। लेकिन कांग्रेस की राजनीति का शिकार इस कॉलेज को बनना पड़ा और किसी न किसी बहाने इस कॉलेज की स्थापना को रोकने की पुरजोर कोशिशें की गई।
धूमल ने आरोप लगाया है कि सरकारी डिपुओं में पूरा राशन नहीं मिल पा रहा है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों में रोजगार देने के मामले में कांग्रेस सरकार की नीयत साफ नहीं है।