पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कहा है कि पीलिया के प्रकोप से निपटने में सरकार विफल हो गई है। अब यह रोग महामारी का रूप लेता जा रहा है। शिमला शहर के इस बीमारी की चपेट में आने के बाद सोलन, सिरमौर और मंडी में भी पीलिया फैलने से हड़कंप मचा हुआ है।
नवंबर महीने के शुरूआत से ही पीलिया फैलने की खबरें आना शुरू हो गई थी। उस समय सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी तमाशा देखती रही। सरकार की लापरवाही की वजह से अब पीलिया हजारों लोगों को अपनी गिरफ्त में ले चुका है, सरकार की ओर से पुख्ता इंतजाम न होने से लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है।
धूमल ने कहा कि जांच एजेंसियों ने स्पष्ट कर दिया है कि शिमला और सोलन में लिए गए सैंपल में हेपेटाइटिस-ई आया है। इससे साफ है कि नगर निगम और आईपीएच विभाग की लापरवाही के वजह से लोगों को सीवरेज युक्त पानी पीना पड़ा। धूमल ने कहा कि आईपीएच सरकार का एक महत्वपूर्ण विभाग है। इस महत्वपूर्ण विभाग के मंत्री बीमार है।
इस विभाग की जिम्मेदारी कौन संभाल रहा है इससे संबंधित कोई भी जानकारी नहीं है। स्वाइन फ्लू प्रदेश में दस्तक दे चुका है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि साधारण नागरिक के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता का उदाहरण और क्या हो सकता है कि धरातल स्तर पर सार्थक कदम उठाए जाने के बजाए सरकार सचिवालय स्तर पर अधिकारियों के साथ मीटिंगों में उलझी हुई है।