पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कांग्रेस सरकार पर 25 जून को सत्ता में ढाई साल पूरे होने पर मनाए जा रहे जश्न पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी ढैया मनाने जा रही है। धूमल ने ढाई साल के कांग्रेस के समारोह को ‘रूबी जुबली’ नाम दिया है। उन्होंने कहा कि पहली बार इतिहास में कोई सरकार अपने ढाई साल का कार्यक्रम मना रही है।
इससे लगता है कि अपनी निराशाजनक परफारमेंस के कारण कांग्रेस को अपने तीन साल के कार्यकाल को पूरा करने पर जरा भी विश्वास नहीं रहा। धूमल ने कहा कि 25 जून 1975 को इंदिरा गांधी के समय देश में इमरजेंसी के 40 सालों के बाद 25 जून 2015 को प्रदेश में कांग्रेस सरकार का जश्न दोबारा से आपातकाल की पुष्टि कर रहा है।
धूमल ने कहा कि कुछ अधिकारी सत्तारूढ़ दल के लोगों को खुश करने और विपक्ष के साथ भेदभाव की नीति अपना रहे हैं। अपनी पार्टी के चुनिंदा लोगों को खुश करने के लिए आईपीएच के अधिकारी ढाई से तीन लाख रुपये खर्च कर सरकारी जमीनों पर हैंडपंप लगा रहे हैं। इन हैंडपंप से बाद में पार्टी के प्रभावशाली लोग पानी लिफ्ट कर पेयजल का दुरुपयोग कर रहे हैं।
धूमल ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में केंद्र के शहरी विकास विभाग से हमीरपुर के लिए 66 करोड़ की पेयजल स्कीम तत्कालीन मंत्री कमलनाथ से मंजूर करवाई थी। इसके टेंडर भी करवाए गए, लेकिन कांग्रेस ने सत्ता में आते ही इन टेंडरों को रद्द कर दिया। धूमल ने कहा कि शिमला में भाजपा कार्यालय पर पथराव के बाद धर्मशाला में सामूहिक दुराचार की घटना ने प्रदेश को शर्मसार किया है।
मुख्यमंत्री रात को दुराचार की जांच करवाने के लिए एसआईटी का गठन करते हैं और सवेरे बयान देते हैं कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। धूमल ने इस मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग की है।