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पूर्व सीएम धूमल का बयान, बोले-कैबिनेट का निर्णय लैंड सीलिंग एक्ट के खिलाफ

Fri, 29 Sep 2017 09:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
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पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि सरकार ने हाल ही की कुछ कैबिनेट बैठकों में प्रदेश को बर्बाद करने वाले निर्णय लिए हैं। पिछले कल फैसला लिया गया कि चाय बगीचों के नाम पर जिन लोगों ने जमीन रखी थी, वे उसे बेच सकेंगे या उसका लैंड यूज चेंज हो सकेगा। 
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यह फैसला संविधान और लैंड सीलिंग एक्ट के साथ भूमि सुधार कानून के भी खिलाफ है। यदि ऐसा होता तो यह भूमि सरकार के कब्जे में उसी समय आ गई होती, जब वर्ष 1971 में लैंड सीलिंग एक्ट लागू हुआ था। 

वीरवार को हमीरपुर में पत्रकार वार्ता में धूमल ने कहा कि चाय बागान या बाकी बागान को अधिकतम सीमा से ज्यादा भूमि की छूट दी गई थी। ऐसा लगता है कि या तो अधिकारी दबाव में काम कर रहे हैं या सरकार के सामने सही वस्तुस्थिति नहीं रखते। 
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भाजपा सरकार में बड़ोग में एक होटल को धारा 118 के उल्लंघन में जब्त किया था। कांग्रेस ने सत्ता में आकर वह होटल दोबारा मालिक को दे दिया। सरकार में सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। भाजपा सत्ता में आने पर ऐसे निर्णय, जो प्रदेश हित में नहीं है, उन पर पुनर्विचार करेगी। 

कहा कि मंत्रिमंडल बैठक में सैकड़ों नई घोषणाएं नौकरियों के बारे में हुई हैं। आने वाले आठ-दस दिन में आचार संहिता लागू हो जाएगी तो ये नौकरियां कब और किसे मिलेंगी? कहा कि गरीब परिवारों को मकान बनाने के लिए दो बिस्वा जमीन देने के नाम पर गुमराह किया। 

अब विधायकों और पूर्व विधायकों को पांच बीघा जमीन देने का निर्णय ले लिया गया। भाजपा ने कभी मेडिकल कॉलेज का विरोध नहीं किया। उन्होंने तो खुद विधानसभा में कहा कि था कि रावमापा बाल हमीरपुर और हथली खड्ड में शिक्षा बोर्ड के भवन को मेडिकल कॉलेज के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। वास्तव में कांग्रेस की आपसी लड़ाई में इस कॉलेज के मामले को लटकाया गया है। उनके साथ जिला अध्यक्ष अनिल ठाकुर भी मौजूद रहे। 

पीएम की रैली को जेपी नड्डा ने ‌किया तूफानी दौरा

केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने वीरवार को बिलासपुर के विभिन्न क्षेत्रों का तूफानी दौरा किया। उनका लोगों ने भव्य स्वागत किया। नड्डा ने लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का निमंत्रण दिया।


केंद्रीय मंत्री ने वीरवार को 12 बजे पनौल, साढ़े 12 बजे भगेड़, 12.45 घुमाणी, डेढ़ बजे हरलोग, 3 बजे तल्याणा, 4 बजे कुठेड़ा, 5 बजे कंदरौर और 5.30 बजे ठोकी में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। 

उन्होंने लोगों को बताया कि एम्स पीएम नरेंद्र मोदी की बिलासपुर जिले के लिए एक बड़ी सौगात है। एम्स बनने से लोगों को प्रदेश में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। बिलासपुर की आर्थिकी भी मजबूत होगी। कहा कि बिलासपुर में बहुत कुछ खोया है, लेकिन अब प्रधानमंत्री ने एम्स जैसा एक बड़ा संस्थान दिया।

हाइड्रो कॉलेज का शिलान्यास पीएम पहले ही कर चुके है। इस दौरान लोगों ने केंद्रीय मंत्री का जगह-जगह फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया। एम्स बिलासपुर में लाने के लिए केंद्रीय मंत्री और उनके माध्यम से प्रधानमंत्री का आभार भी जताया। केंद्रीय मंत्री 30 सितंबर तक बिलासपुर में हैं। 
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उद्घाटन और शिलान्यास का बढ़ा क्रेज

चुनावी साल में उद्घाटन और शिलान्यास को लेकर नेता क्रेजी हो गए हैं। जिले में ही नहीं, बल्कि प्रदेश स्तर पर उद्घाटन और शिलान्यास की होड़ सी मच गई है। हालात यह है कि कहीं बैनर टांगकर उद्घाटन हो रहे हैं तो कहीं एक ही ढांचे पर विभिन्न योजनाओं की पट्टिकाएं लगाकर पर्दा हटाने की औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं।

सिरमौर जिला में ही कुछ दिन पहले धारटीधार के चेहड़ी महडोग में नाहन के विधायक ने युवक मंडल के भवन का उद्घाटन किया। विधायक ने भवन निर्माण के लिए दो लाख रुपये मुहैया करवाए थे। गत दिवस हुए उद्घाटन में पट्टिका तक नहीं बनाई गई। एक बैनर टांगा गया और कील लगाकर पर्दे की व्यवस्था की गई।

पर्दा हटाया और हो गया उद्घाटन। यही हाल कांग्रेसी नेताओं का भी है। चंद रोज पहले कॉलेज का उद्घाटन करने आए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी कॉलेज में ही आधा दर्जन से अधिक योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कर दिए। हाल ही में खुले चार कॉलेजों के उद्घाटन शिमला से बैठे-बैठे ऑनलाइन किए।जबकि स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी नाहन मेडिकल कॉलेज के भवन का ऑनलाइन शिलान्यास किया। 


उधर, जिला में भी इन दिनों उद्घाटनों की होड़ सी है। सीपीएस विनय कुमार भी अपने इलाके में उद्घाटन और शिलान्यास में जुटे हैं। जबकि शिलाई में भी यही सिलसिला चला हुआ है। बहरहाल, देखना यह है कि चुनावी साल में हो रहे उद्घाटन और शिलान्यास मतदाताओं पर कितना असर डालेंगे।
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