‘अमर उजाला संवाद’ कार्यक्रम में शिमला शहर को साफ सुथरा रखने के लिए स्वच्छता हेल्पलाइन 1916 को और अधिक लोकप्रिय बनाने और स्वच्छता वाहनों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया था। वीरवार को निगम के हाउस में इस पर आधिकारिक मुहर भी लगा दी गई। नगर निगम ने दो और स्वच्छता वाहन खरीदने का फैसला लिया है।
मौजूदा समय में नगर निगम के पास एक स्वच्छता वाहन है। दो और गाड़ियां आने के बाद स्वच्छता वाहनों की कुल संख्या तीन हो जाएगी। स्वच्छता वाहन को बुलाने के लिए लोगों को 1916 पर कॉल करनी होगी। नगर निगम के कंट्रोल रूम में सूचना मिलते ही संबंधित क्षेत्र के लिए स्वच्छता वाहन रवाना कर दिया जाएगा।
नगर निगम सुबह सात बजे से रात नौ बजे के बीच लोगों को स्वच्छता वाहन की सेवा उपलब्ध करवाएगा। वाहन की दूर से ही पहचान हो सके इसके लिए इस पर विशेष तरह के फ्लैक्स बोर्ड लगाए जाएंगे। वाहन में चालक के अतिरिक्त दो सफाई कर्मी तैनात रहेंगे।
इसके अतिरिक्त सफाई से संबंधित सभी आवश्यक साजो सामान भी उपलब्ध रहेगा। इस वाहन के माध्यम से नगर निगम लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी करेगा। शहर में विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से आयोजित किए जाने वाले सफाई अभियानों में नगर निगम का स्वच्छता वाहन भी शामिल होगा और लोगों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे।
एक कॉल पर पहुंचेगा स्वच्छता वाहन : नेगी
नगर निगम आयुक्त जीसी नेगी ने कहा कि शहर में 25 की जगह वार्डों की संख्या बढ़ कर 34 हो गई है। ऐसे में एक स्वच्छता वाहन से व्यवस्था बनाना संभव नहीं हो पा रहा। हाउस की अनुमति के बाद जल्द ही दो स्वच्छता वाहनों की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
हाउस में लिए गए ये फैसले
-पार्किंगों में मुफ्त खड़ी होगी निगम पार्षदों की गाड़ी
-पानी के बिल बांटने का काम आउट सोर्स करने का प्रस्ताव
-संजौली में 24 घंटे पानी की आपूर्ति पर खर्च होंगे 5 करोड़
-ड्यूटी के दौरान मौत होने पर कर्मचारी के आश्रित को दी जाएगी नौकरी
-मैट्रोपोल पार्किंग की तीन मंजिलों के तीन साल के लिए होंगे टेंडर
-शौचालयों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने को सीएचओ की जिम्मेवारी तय
नगर निगम हाउस में अव्यवस्था रही हावी
नगर निगम के मासिक हाउस में वीरवार को पूरी तरह अव्यवस्था हावी रही। पब्लिक के मुद्दों पर पार्षद गंभीर नहीं दिखे और एक दूसरे से ही उलझते रहे। हद तो तब हो गई जब मेयर के सामने ही बीजेपी के एक पार्षद ने हाउस स्थगित करने का ऐलान कर दिया।
इतना ही नहीं हाउस में सरेआम पार्षदों ने मेयर, डिप्टी मेयर को जमकर खरी खोटी सुनाई। समरहिल वार्ड की पार्षद शैली शर्मा ने बैठक का एजेंडा अग्रिम तौर पर न भेज कर हाउस में बैठक के दौरान टेबल पर रखने पर कड़ी आपत्ति जताई।
शिमला नगर निगम में सब कुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है। मेयर, डिप्टी मेयर के पद की गरिमा पूरी तरह ताक पर है। वीरवार को हाउस में मेयर कुसुम सदरेट और डिप्टी मेयर राकेश शर्मा दोनों मौजूद थे, बावजूद इसके बीजेपी के ढली- मशोबरा वार्ड से पार्षद शैलेंद्र चौहान एकाएक कुर्सी से खड़े हुए और बांहें फैलाते हुए हाउस दस मिनट के लिए स्थगित करने का ऐलान कर दिया।
पार्षद की इस हरकत से मेयर, डिप्टी मेयर, पाषर्दों सहित निगम के अधिकारी भी हैरत में पड़ गए। इतना ही नहीं इसके बाद निगम के कसुम्पटी वार्ड से पार्षद राकेश चौहान ने निगम के डिप्टी मेयर राकेश शर्मा पर शहर में अतिक्रमण को बढ़ावा देने और अवैध दुकान चलाने वालों को संरक्षण देने का आरोप जड़ा।
चौहान ने कहा कि बसंत बिहार गेट के पास अवैध तरीके से दुकान बना दी गई है। दुकान के कारण बसंत बिहार जाने वाला रास्ता तंग हो गया है। इतना ही नहीं अवैध रूप से यहां सड़क पर क्यारियां बना कर दो बैंच लगा दिए गए हैं।
आरोप लगाया कि डिप्टी मेयर ने जेई को अवैध अतिक्रमण हटाने से रोका। हाई मास्क लाइट शिफ्ट करने के मुद्दे पर पार्षद और भी ज्यादा उग्र हो गए और डिप्टी मेयर से पूछा कि ‘आप होते कौन हैं मेरे वार्ड में दखल देने वाले’।
वार्ड के कार्यों में मेयर, डिप्टी मेयर की दखल को लेकर सांगटी से पार्षद मीरा शर्मा ने मेयर पर निशाना साधा। मीरा ने कहा कि मेरे वार्ड में आप बिना सूचना दिए आए, आप मेयर हैं पार्षदों के ऊपर बैठाए गए मॉनीटर नहीं हैं।
मीरा ने कहा कि मेयर को शालीनता से पेश आना चाहिए, क्योंकि आप संवैधानिक पद पर बैठे हैं। मेयर ने कहा कि शहर की मेयर होने के नाते मैं किसी भी वार्ड का दौरा कर सकती हूं।
पार्षद ने कब हाउस स्थगित करने का एलान किया मुझे तो नहीं सुनाई दिया। हाउस की गरिमा को ताक पर रखने वालों के खिलाफ भविष्य में कार्रवाई की जाएगी।-कुसुम सदरेट, मेयर, नगर निगम