पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को लगता है कि प्रदेश में कांग्रेस समर्थित 80 फीसदी पंचायत प्रतिनिधि विजयी रहे हैं तो कांग्रेस विधानसभा भंग कर दोबारा चुनाव क्यों नहीं करवा लेती। पत्रकारों से बातचीत में धूमल ने दावा किया कि लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो जाएगा।
धूमल ने कहा कि अगर कांग्रेस समर्थित प्रतिनिधियों को भारी जीत मिली है तो विभिन्न समितियों में उनके अध्यक्ष क्यों नहीं चुने जा रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बताए कि कांग्रेस मंत्रियों ने कौन सी योजनाएं बनाकर कितने प्रस्ताव भेजे हैं। केंद्र सरकार ने विभिन्न योजनाओं के प्रस्ताव मांगे थे।
उन्होंने कहा कि 300 करोड़ रुपये रेलवे के लिए बजट में प्रावधान, नीति आयोग को कोसने वाली प्रदेश कांग्रेस सरकार को 500 करोड़ की ग्रांट के अलावा घागस से मटौर तक 300 करोड़ रुपये पुलों के निर्माण के लिए बिना मांगे मिल गए। वर्ष 2012 में पूंजी निवेश के लिए प्रदेश को देशभर में प्रथम पुरस्कार मिला था। कांग्रेस नेता बताएं कि तीन वर्ष के शासन में प्रदेश 15वें स्थान पर क्यों लुढ़क गया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महज अपने विरोधियों पर झूठे मामले और दूसरा केंद्र सरकार की आलोचना करने में व्यस्त हैं। प्रदेश में उद्योग बंद हो रहे हैं। चोरी, डकैती, बलात्कार और हत्या के मामले दबाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन रैंक वन पेंशन का 25 हजार करोड़ रुपये मोदी सरकार खर्च कर रही है। मकर संक्रांति पर फसल बीमा योजना और विज्ञान के लिए स्किल डेवलपमेंट योजना शुरू की है।