हौसलों में उड़ान और हिम्मत हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं होता। हमीरपुर के नादौन खंड की गलोड़ खास पंचायत से मंडी में व्हील चेयर पर शपथ लेने पहुंचे नवनिर्वाचित उपप्रधान संजीव शर्मा ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। संजीव के जज्बे को शपथ समारोह में हर किसी ने सलाम किया। संजीव बचपन से पोलियो से जंग लड़ रहे हैं।
लेकिन, खुद को अक्षम नहीं, दिव्यांग मानते हैं। पोलियो की वजह से स्कूल नहीं जा पाए। बचपन से बड़े-बुजुर्गों की संगत में रहे। पढ़-लिख तो नहीं सके पर दुनियादारी को खूब समझा। शपथ लेने के बाद संजीव मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से भी मिले। संजीव ने मुख्यमंत्री को पुष्प भेंट कर आशीर्वाद मांगा। संजीव शर्मा हिंद संग्राम परिषद नादौन के अध्यक्ष भी हैं।
परिषद जरूरतमंद लड़कियों की शादी व अनाथ बच्चों को शिक्षा देने में मदद करती है। पांच साल से संस्था से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री मोदी की मन बात को समर्थन देते हुए उन्होंने कहा कि मोदी की अक्षमों को दिव्यांग कहने का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल की उम्र में बीमारी का पता चला लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। लेकिन, हार नहीं मानी।
संजीव ने कहा कि पंचायत में युवाओं को खेल के लिए प्रोत्साहन देना उनकी प्राथमिकता रहेगी। पंचायत की हरिजन बस्ती में अरसे से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान करना लक्ष्य रहेगा। बुजुर्ग, दिव्यांगों को पेंशन दिलाना भी प्राथमिकता रहेगी।
संजीव ने चुनाव प्रचार के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि भाइयों विजय व अरुण ने हर घर तक व्हील चेयर के माध्यम से लोगों तक वोट की अपील करने के लिए पहुंचाया। लोगों से एक मौका मांगा और लोगों ने समर्थन दिया। उप प्रधान पद के कुल चार प्रत्याशी मैदान में थे। सभी को पछाड़ते हुए संजीव ने 170 मतों से चुनाव में जीत हासिल की है।