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सरकार की नालायकी के कारण टले नगर निगम शिमला के चुनाव: धूमल

Sun, 28 May 2017 01:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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नगर निगम चुनाव में देरी पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भाजपा को कटघरे में खड़ा कर दिया। विधानसभा में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस को ऐसे कोस रही है, जैसे सारा कसूर प्रदेश सरकार का ही हो।
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भाजपा और माकपा ने मतदाता सूचियों में गड़बड़ी की शिकायत की थी। गड़बड़ियां दूर करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग से मतदाता सूचियों में छूटे हुए मतदाताओं के नाम दर्ज करवाने की मांग की थी।

अब सरकार ने मतदाता सूचियों में छूटे हुए नामों को दर्ज करवाने को समय दिया है। अब जब नाम दर्ज करने को समय दिया तो कहा जा रहा है कि सरकार नगर निगम चुनाव करवाने में देर कर रही है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि भाजपा के राज्य सरकार के खिलाफ  सौंपी चार्जशीट का कोई असर नहीं पड़ता।
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उन्होंने कहा कि भाजपा का काम ही ज्ञापन सौंपना है और इसे लेकर फैसला जनता करेगी। उधर, धूमल ने पत्रकारों से कहा कि राज्य सरकार और नगर निगम की नालायकी के कारण नगर निगम शिमला के चुनाव टाले गए हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी सरकार के हैं और राज्य निर्वाचन आयुक्त भी सरकार ने लगाए हैं। सूचियों में गड़बड़ी इस सरकार की नालायकी है।

उनका कहना था कि कांग्रेस सरकार नहीं चाहती कि नगर निगम चुनाव हो। यह सरकार हार के डर से चुनाव से भाग रही है और इसी कारण चुनाव टाले गए हैं। धूमल ने जीएसटी बिल पर कांग्रेस के श्रेय लेने को गलत करार दिया।

धूमल बोले कि यूपीए सरकार तो जीएसटी पर आम सहमति नहीं बना पाई, जबकि केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद सभी पक्षों और पार्टियों को साथ लेकर जीएसटी को लागू करवाने में सफलता मिली है।

भाजपा ने कहा, खुले मंच में कर लें बहस

एमसी के खिलाफ सौंपी गई चार्जशीट को वामपंथियों की ओर झूठ का पुलिंदा बताए जाने पर भाजपा भड़क गई है। भाजपा मंडल ने मेयर और डिप्टी मेयर को चार्जशीट पर खुली बहस की चुनौती दी है। भाजपा मंडल अध्यक्ष शिमला प्रदीप कश्यप ने कहा कि  उनकी चार्जशीट पूरी तरह से तथ्यों पर आधारित है। 

इसकी एक-एक मद पर विरोधी चाहे तो खुले मंच पर बहस करने को तैयार हैं। इस मंच पर होने वाली बहस पर शहर की जनता स्वयं तय करेगी कि कौन झूठ बोल रहा है। भाजपा के लगाए तमाम आरोप सही हैं या गलत। कश्यप ने कहा कि पांच साल तक नगर निगम की सत्ता में रहे मेयर, डिप्टी मेयर के किए गए कार्य और जनता की मुश्किलों पर ही उनकी यह जार्चशीट तैयार की गई है। 

उसमें बताया गया कि किस तरह से शहर की जनता को पूरा पांच साल पानी के लिए तरसना पड़ा। गंदा पानी पीने पर मजबूर होना पड़ा। कश्यप ने कहा कि इस चार्जशीट के जारी होने पर माकपा पूरी तरह से बौखला गई है। उसे आने वाले नगर निगम चुनाव में अपनी हार साफ नजर आने लगी है। 

वामपंथी मेयर, डिप्टी मेयर अपनी पांच साल की गलतियों को छुपाने के उद्देश्य से ही भाजपा की इस चार्जशीट को झूठा साबित करने का प्रयास कर रहे हैं। अभी भी शहर की जनता जल संकट और कई तरह की परेशानियां झेल रही है। उन्होंने कहा कि आगामी नगर निगम चुनाव में माकपा एक भी सीट नहीं जीत पाएगी, इनका वजूद समाप्त हो जाएगा। 

नगर निगम में वामपंथी बनाम भाजपा होती नजर आ रही जंग 
भाजपा मंडल शिमला की चार्जशीट में सिर्फ मेयर, डिप्टी मेयर को निशाना बनाया गया है। इससे नगर निगम चुनाव की जंग शुरूआती दौर में भाजपा बनाम माकपा होती नजर आ रही है। 

नगर निगम में भाजपा के बारह, कांग्रेस के ग्यारह और माकपा के दो पार्षद और मेयर, डिप्टी मेयर हैं। इस चार्जशीट के जारी किए जाने के बाद से नगर निगम चुनाव का पारा धीरे-धीरे चढ़ता नजर आ रहा है। इसके आने वाले समय में और रोचक होने के आसार बनने लगे हैं।
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भाजपा को नजर नहीं आता विकास: मेयर

नगर निगम मेयर संजय चौहान और डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने भाजपा की चार्जशीट पर पलटवार किया है। कहा कि शहरभर में नौ हजार एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई लेकिन भाजपा को विकास नजर नहीं आ रहा है। पत्रकारवार्ता में उन्होंने चार्जशीट के एक-एक आरोप का जवाब दिया।

मेयर का कहना है कि ढली एसटीपी के सीवरेज का पानी अश्वनी खड्ड के साथ मिलने का मामला पूर्व मेयर मधु सूद के सदन में साल 2011 में उठाया गया था। उस वक्त क्यों कार्रवाई नहीं की गई। स्वच्छता सर्वेक्षण की रिपोर्ट पर उन्होंने कहा कि शिमला को देशभर के 434 शहरों में 34वां स्थान मिलना गौरव की बात है।

साल 2012 में 292वें स्थान पर रहा था। पानी के मुद्दे पर मेयर ने बताया कि वर्ष 2007 से लेकर गिरि परियोजना में लीकेज की समस्या थी। इससे करीब 8 एमएलडी पानी व्यर्थ बह रहा था लेकिन नगर निगम ने इसे दुरुस्त करके दिखाया। कहा कि अब कोलडैम

से शहर के लिए पानी की सप्लाई करने का प्रावधान किया जा रहा है। मेयर, डिप्टी मेयर ने संयुक्त बयान में कहा कि कांग्रेस और भाजपा अर्ध ज्ञान के शिकार हैं, उन्हें केवल अपनी गलतियों को दूसरों के सिर मढ़ना आता है।

एमसी में 734 पद खाली
नगर निगम में करीब 734 पद खाली हैं। मेयर का कहना है कि इन पदों को भरने के लिए करीब 18 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पदों को भरने के लिए सरकार की अनुमति अभी तक नहीं मिली है।
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