तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा(फाइल फोटो)
तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने कहा कि कभी-कभी मेरे मित्र मुझसे कहते हैं कि अपनी जादुई शक्तियों का प्रयोग कर इस जगत की समस्याओं को दूर कीजिए। मैं हमेशा उनसे यही कहता हूं कि दलाईलामा के पास कोई जादुई शक्तियां नहीं हैं। यदि ऐसा होता तो मेरे पैरों में दर्द और गले में खराश नहीं होता। यदि समस्या का समाधान है तो हमें उसे ढूंढने की कोशिश करनी चाहिए।
यदि नहीं है तो हमें उसके बारे में सोचकर समय नष्ट नहीं करना चाहिए। इस भयावह कोरोना महामारी ने दिखा दिया कि एक व्यक्ति के साथ जो घटित होता है उसे अन्य व्यक्तियों के साथ घटित होने में देर नहीं लगती। लेकिन यह हमें इसका भी स्मरण कराता है कि करुणामय आचरण और रचनात्मक कार्यों में अनेक लोगों की सहायता करने की क्षमता होती है।
जिस दिन से वुहान शहर में कोरोना वायरस फैलने का समाचार प्राप्त हुआ तब से मैं चीन और अन्य देशों के प्रार्थना कर रहा हूं। मात्र प्रार्थना करना पर्याप्त नहीं है। यह संकट हमें सिखाता है कि जहां भी संभव हो हम सबको अपना दायित्व का निर्वाह करना चाहिए। इस आशंका पूर्ण समय में दीर्घकालिक चुनौतियों, संभावनाओं और संपूर्ण विश्व के बारे में चिंतन करना अत्यावश्यक है। अपने जीवनकाल में अनेक युद्ध और भयानक खतरों को समाप्त होते देखा है। हमने इससे पहले भी कई बार वैश्विक समुदाय का पुनर्निर्माण किया है उसी तरह इस बार भी करेंगे।