इन सीटों से चुनाव लड़े थे वीरभद्र सिंह, जानिए अब यहां के समीकरण
1. जुब्बल-कोटखाई विधानसभा: 1983 में जब वीरभद्र सिंह पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। उस वक्त हुए उपचुनाव में वह जुब्बल कोटखाई सीट पर हुए उपचुनाव में विधायक बने थे। उन्होंने ठाकुर रामलाल की जगह ली थी। वीरभद्र सिंह इस सीट से दो बार विधायक चुने गए थे। पहली बार 1983 और फिर 1985 में। अभी इस सीट से रोहित ठाकुर विधायक हैं। रोहित कांग्रेस पार्टी से हैं। इनके दादा ठाकुर रामलाल दो बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं।
2. रोहरू: इस सीट से वीरभद्र सिंह लगातार पांच बार विधायक चुने गए। पहली बार 1990 में यहां से वह चुनाव जीते थे। इसके बाद 1993, 1998, 2003 और फिर 2007 में यहां से विधायक चुने गए। इस बीच, 1993 से 1998 और फिर 2003 से 2007 तक वह मुख्यमंत्री भी रहे। 2017 में इस सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी मोहन लाल बरकता विधायक चुने गए थे। मोहन लाल इस बार भी कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। भाजपा ने उनके खिलाफ शशि बाला को उतारा है।
3. शिमला ग्रामीण: 2012 में वीरभद्र सिंह ने शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद 2017 तक वह इस सीट का प्रतिनिधित्व करते हुए सूबे के मुख्यमंत्री भी रहे। इस सीट से अभी वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह विधायक हैं। विक्रमादित्य एक बार फिर इस सीट से मैदान में हैं।
4. अर्की: 2017 के विधानसभा चुनाव में वीरभद्र ने शिमाल ग्रामीण सीट अपने बेटे विक्रमादित्य के लिए छोड़ दी। उन्होंने अर्की सीट से चुनाव लड़ा। यहां से भी उन्हें जीत हासिल हुई थी। उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में इस सीट से कांग्रेस के संजय अवस्थी जीते थे। कांग्रेस ने इस बार भी उन्हें यहां से टिकट दिया है। उनके खिलाफ भाजपा के गोविंद राम शर्मा मैदान में हैं।