चीन से उपकरणों का आयात बंद होने से हिमाचल के कृषकों को मशीनरी के लिए स्पेयर पार्ट नहीं मिल रहे हैं। किसानों को पावर टिल्लर, स्प्रेयर, वुड कट्टर और अन्य उपकरणों के लिए पुर्जे नहीं मिल रहे हैं। किसानों की कई मशीनें इससे ठप हो गई हैं। कृषि और बागवानी विभाग खेतीबाड़ी के उपकरणों पर उपदान देते रहे हैं।
राज्य के बागवानी विभाग की ओर से इसे किसी भी कंपनी के उपकरणों पर दिया जाता रहा है, चाहे वह चीन की कंपनी हो या किसी और देश की रही हो। हालांकि, कृषि विभाग ने कुछ कंपनियों को ही एंपैनल किया है। पूर्व में इसमें कुछ चीनी कंपनियां भी रही हैं। यह उपदान विभिन्न उपकरणों पर अलग-अलग दर से दिया जाता रहा है।
हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से कृषि और बागवानी विभागों को एक पत्र आया है। इस पत्र के अनुसार किसी भी चीनी कंपनी के उपकरणों की खरीद पर यह उपदान देय नहीं होगा। इसके अलावा चीन से इन उपकरणों और इनके पुर्जों का आयात भी बंद किया जा चुका है। इससे जिन किसानों और बागवानों ने पुराने उपकरण खरीदे हैं, उन्हें दिक्कत आ रही है।
बागवानी निदेशालय में विषय विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार के कृषि मैकेनिज्म के उप अभियान में नोडल एजेंसी यानी कृषि विभाग की ओर से एक सर्कुलर निकाला गया है, जिसमें चीन में बनी मशीनरी को हतोत्साहित करने को कहा गया है। ऐसे में स्वाभाविक है कि चीन से मशीनरी और पुर्जे लाने बंद किए गए हैं।