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यहां जुटेंगे देश भर के ऊर्जा मंत्री, बैठक में हिमाचल उठाएगा ये मामले

Tue, 03 Jul 2018 08:45 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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देश भर के ऊर्जा मंत्रियों की बैठक यहां आयोजित की जाएगी। राजधानी शिमला से सटे पर्यटन स्थल कुफरी में मंगलवार को देश भर के ऊर्जा मंत्री जुटेंगे। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह की अध्यक्षता में यहां बैठक का आयोजन किया जाएगा।

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इस बैठक में हिमाचल सरकार भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) में हिस्सेदारी सहित पांच मामलों को उठाएगी। बीबीएमबी के बिजली प्रोजेक्टों में पंजाब से अपना हिस्सा लेने के लिए हिमाचल केंद्र सरकार के समक्ष कई बार मामला उठा चुका है लेकिन पंजाब बकाया देने को तैयार नहीं है।

 प्रदेश सरकार ने चार जनवरी को कैबिनेट बैठक में पंजाब के हिस्से की बिजली बेचने का फैसला लिया था। कैबिनेट ने दस साल के भीतर 13066 मिलियन यूनिट बिजली बेचकर अपना एरियर वसूलने का फैसला लिया था।

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इस मामले को ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में उठाने की तैयारी

 2900 करोड़ रुपये का बकाया चुकाने में असमर्थ पंजाब ने हिमाचल सरकार को ऑफर दिया था कि इस बकाया की वसूली अगर हिमाचल चाहे तो अगले 20 साल तक बीबीएमबी के प्रोजेक्टों में पंजाब के हिस्से की बिजली बेचकर कर सकता है।

हिमाचल सरकार ने पंजाब के इस ऑफर को मंजूर करते हुए 20 साल की जगह 10 साल में वसूली करने को मंजूरी दी थी। कैबिनेट के फैसले से हिमाचल सरकार ने पंजाब को अवगत करवाया था।

पहले तो पंजाब इस फैसले को मानने को तैयार हो गया लेकिन अब इस बाबत आगामी कार्रवाई करने से पंजाब ने हाथ वापस खींच लिए हैं। पंजाब की इस बेरुखी से हिमाचल सरकार की परेशानियां बढ़ गई हैं। ऐसे में सरकार इस मामले को ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में उठाने जा रही है। 
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यह है पांच सूत्रीय एजेंडा 

भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड में हिस्सेदारी का मामला उठाया जाएगा
ट्रांसमिशन लाइनों के लिए केंद्र से अधिक बजट मांगा जाएगा 
जल विद्युत परियोजनाओं के लिए केंद्र से और आर्थिक मदद की जरूरत
सौर ऊर्जा उत्पादन की हिमाचल में कम संभावनाएं, केंद्र से छूट मांगी जाएगी 
गैर वन भूमि का मामला उठाया जाएगा। केंद्र के नियमों के अनुसार किसी भी परियोजना को स्थापित करने के लिए उतनी ही गैर वन भूमि होनी चाहिए। इस भूमि को हरी पट्टी के तौर पर विकसित किया जाता है। लेकिन हिमाचल में गैर वन भूमि उपलब्ध नहीं है। ऐसे में केंद्र सरकार से इसको लेकर राहत मांगी जाएगी।


 
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