2900 करोड़ रुपये का बकाया चुकाने में असमर्थ पंजाब ने हिमाचल सरकार को ऑफर दिया था कि इस बकाया की वसूली अगर हिमाचल चाहे तो अगले 20 साल तक बीबीएमबी के प्रोजेक्टों में पंजाब के हिस्से की बिजली बेचकर कर सकता है।
हिमाचल सरकार ने पंजाब के इस ऑफर को मंजूर करते हुए 20 साल की जगह 10 साल में वसूली करने को मंजूरी दी थी। कैबिनेट के फैसले से हिमाचल सरकार ने पंजाब को अवगत करवाया था।
पहले तो पंजाब इस फैसले को मानने को तैयार हो गया लेकिन अब इस बाबत आगामी कार्रवाई करने से पंजाब ने हाथ वापस खींच लिए हैं। पंजाब की इस बेरुखी से हिमाचल सरकार की परेशानियां बढ़ गई हैं। ऐसे में सरकार इस मामले को ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में उठाने जा रही है।