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उत्तर भारत में गहरा सकता है बिजली संकट

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1500 मेगावाट के नाथपा झाकड़ी और 412 मेगावाट के रामपुर हाइड्रो प्रोजेक्ट में से विद्युत उत्पादन ठप हो गया। सतलुज नदी में सिल्ट बढ़ने से प्रबंधन ने निर्णय लिया है। इन प्रोजेक्टों की बिजली नार्थ ग्रिड को जाती है जिससे जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड यूपी आदि राज्यों और चंडीगढ़ में बिजली संकट गहरा सकता है।
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विद्युत उत्पादन ठप होने से इन राज्यों को पांच से सात प्रतिशत तक बिजली प्रभावित होने से परेशानी झेलनी पड़ सकती है। जिला किन्नौर में भावानगर के समीप उरनी ढांक से सतलुज नदी में गाद आने से विद्युत उत्पादन बंद करना पड़ा है। यदि उत्पादन बंद नहीं किया जाता तो इससे प्रोजेक्टों की मशीनरी को नुकसान हो सकता है। मौजूदा समय में सतलुज में 14500 पीपीएम सिल्ट है।
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सतलुज नदी में आई भारी गाद

गाद की मात्रा 4000 से 5000 पीपीएम आने तक बांध के गेट खुले रहेंगे। फिलहाल, बांध स्थल नाथपा से फ्लशिंग करने का निर्णय अभी तक नहीं लिया गया है। नाथपा झाकड़ी परियोजना के महाप्रबंधक संजीव सूद ने बताया कि उरनी ढांक से अचानक सतलुज नदी में भारी गाद आई है।

इस कारण नाथपा झाकड़ी और रामपुर परियोजना में विद्युत उत्पादन बंद करना पड़ा। नाथपा बांध क्षेत्र में गाद की मात्रा 4000 से 5000 पीपीएम आने तक बांध के गेट खुले रहेंगे। उन्होंने लोगों से नदी किनारे न जाने और एहतियात बरतने की अपील की है।
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