सीवरेज प्लांट की गंदगी ही नहीं, बल्कि कई घरों से निकलने वाला सीवरेज का गंदा पानी भी पीने के पानी में मिल रहा है। आईपीएच ने दावा किया है कि खुले में बह रही सीवरेज की गंदगी के कारण अश्वनी खड्ड परियोजना का पानी दूषित हो रहा है।
वहीं, नगर निगम का कहना है कि आईपीएच का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट सही तरीके से काम नहीं कर रहा। आईपीएच इस मामले में लीपापोती कर रहा है। कुछ भी हो गंदे पानी के लिए विभाग एक-दूसरे जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। हकीकत चाहे कुछ भी हो, खामियाजा तो बेचारी जनता ही भुगतेगी।
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अश्वनी खड्ड परियोजना, भट्ठाकुफर, मल्याणा और आसपास के इलाकों में निरीक्षण किया है। रविवार को छुट्टी के बावजूद आईपीएच के आला अधिकारियों की अगुवाई में निरीक्षण किया गया। इस दौरान हाउसिंग बोर्ड कालोनी के नीचे सीवरेज लाइन टूटी हुई मिली।
आईपीएच के अधिकारियों ने खुले में बह रही सीवरेज के अश्वनी खड्ड परियोजना में मिलने का अंदेशा जताया। अधिकारियों ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड कालोनी के नीचे सीवरेज पाइप टूटी हुई है और मेन लाइन तक कनेक्टिविटी नहीं है। इसके अतिरिक्त आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने सीवरेज कनेक्शन नहीं लिए हैं और सेप्टिक टैंक ओवरफ्लो होने पर गंदगी खुले में बहाई जा रही है।
सड़क किनारे चल रही वर्कशापों और लेबर के खुले में शौच जाने से भी गंदगी फैल रही है। इस मौके पर आईपीएच के अधीक्षण अभियंता सुशील जस्टा, अधिशासी अभियंता विनोद ठाकुर, सहायक अभियंता एचसी चौहान, अभिषेक कुमार सहित नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता सुशील जस्टा ने कहा कि खुले में बह रही सीवरेज के कारण अश्वनी खड्ड का पानी दूषित हो रहा है। विभाग की ओर से निरीक्षण के लिए टीमें गठित की गई हैं। खुले में सीवरेज डालने वालों को नोटिस जारी कर विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा।
मेयर संजय चौहान ने कहा कि नगर निगम की ओर से किए गए निरीक्षण में साफ हो गया है कि आईपीएच का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट सही तरीके से काम नहीं कर रहा। अश्वनी खड्ड से शहर को दूषित पानी की सप्लाई ही पीलिया फैलने का कारण है। पीने के पानी में किसी भी प्रकार की गंदगी मिलना असहनीय है। आईपीएच इस मामले में लीपापोती की कोशिश कर रहा है।