बीडीओ के स्थानांतरण मामले ने सियासी मोड़ ले लिया है। ‘अमर उजाला’ ने जैसे ही सोमवार के अंक में विधायक पर धमकी के आरोप लगाने वाले बीडीओ के ट्रांसफर का मसला उठाया तो इसे लेकर सियासी बवाल मच गया। कांगड़ा विकास खंड में इस खबर ने अफरा तफरी मचा दी।
हालांकि, ट्रांसफर आर्डर के बाद बीडीओ शशि पटियाल ने रिलीव नहीं किया है। उनका तबादला रुकवाने के लिए कई सियासी लोग अंदर खाते जुट चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि बीडीओ ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का मुद्दा मान लिया है। उधर, सोमवार को बीडीसी चेयरमैन सहित जिला पार्षद, पंचायत प्रधान व उपप्रधान बीडीओ शशि पटियाल के पक्ष में उतर आए हैं।
सोमवार को उन्होंने बैठक कर आगामी रणनीति तय की। चेयरमैन कुलभाष चंद ने कहा कि विधायक ने एड़ी चोटी का जोर लगाकर बीडीओ का तबादला करवा दिया। यह लोकतंत्र के मुंह पर तमाचा है। ऐसा फैसला कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच असुरक्षा का भय पैदा करेगा। कुलभाष चंद ने कहा कि बीडीओ शशि पटियाल की अथाह मेहनत के चलते कांगड़ा ब्लाक पूरे हिमाचल में लगातार चार बार अव्वल आता रहा।
सरकार ने बीडीओ का तबादला रद्द न किया तो आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा। मंगलवार को पंचायत समिति की बैठक में इसकी रणनीति बनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि बीडीओ के पक्ष में समिति सदस्य शहर में रोष रैली भी निकाल सकते हैं।