फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla News: जिला परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर सियासत तेज, निर्दलियों के हाथ चाबी

विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस का दावा, 12 का है समर्थन, एक निर्दलीय भी देगा हमारा साथ, भाजपा नेता बोले, 25 में से 13 सदस्यों का है समर्थन
विज्ञापन

भाजपा अपने सदस्यों को भेज चुकी है राजस्थान घूमने
पहली बैठक में किसी भी दल ने नहीं की थी शिरकत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांगड़ा और मंडी के बाद शिमला बड़ी जिला परिषद है, जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अध्यक्ष पद की कुर्सी हासिल करने में जुटे हैं।

चुनावी समीकरणों के बीच निर्दलीय सदस्य इस बार निर्णायक भूमिका में नजर आ रहे हैं, जिससे दोनों दल लगातार उनसे संपर्क साधने में जुटे हैं। जिला शिमला में कांग्रेस और भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है। दोनों ही दल निर्दलीय सदस्यों के सहारे सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार संभावित हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका को देखते हुए भाजपा ने जहां अपने समर्थित जिला परिषद सदस्यों को जयपुर भेजा है, ताकि उन्हें एकजुट रखा जा सके। वहीं कांग्रेस ने अपने समर्थक सदस्यों को शिमला में ही रोक रखा है और पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार उनके संपर्क में हैं। 25 सदस्यीय जिला परिषद शिमला में कांग्रेस के पास अपने सदस्यों के अलावा निर्दलीयों के समर्थन सहित करीब 12 सदस्यों का समर्थन है। इसके अतिरिक्त एक अन्य सदस्य के भी कांग्रेस के पक्ष में आने की संभावना जताई जा रही है। इस सदस्य को किसी पद की जिम्मेदारी दी जाती है तो चुनाव की अगली तारीख घोषित होने पर कांग्रेस का आंकड़ा 13 तक पहुंच सकता है और मुकाबला बेहद रोचक हो सकता है।
विज्ञापन

दूसरी ओर भाजपा भी बहुमत होने का दावा कर रही है।


पार्टी नेताओं का कहना है कि उनके पास आवश्यक संख्या में 13 सदस्य का समर्थन है। अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार की जीत तय है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिला परिषद अध्यक्ष के चुनाव में निर्दलीय सदस्यों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रहेगी। यदि अंतिम समय में किसी भी पक्ष में समर्थन बदलता है तो सत्ता का पूरा गणित बदल सकता है। कांग्रेस खेमे में लगातार छोटी-छोटी बैठकों का दौर जारी है। भाजपा अपने संगठन और वरिष्ठ नेताओं के माध्यम से रणनीति तैयार करने में जुटी हुई है, ताकि चुनाव के दिन किसी तरह की टूट-फूट की स्थिति पैदा न हो। कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण अध्यक्ष हरिकृष्ण हिमराल ने बताया कि जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीत दर्ज करेंगे। पार्टी के पास पर्याप्त समर्थन है और सभी समर्थक सदस्य पूरी तरह एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा खेमे में इसको लेकर भय है, इसी वजह से उन्होंने अपने लोगों को बाहर भेज रखा है। भाजपा जिलाध्यक्ष केशव चौहान ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए उनके पक्ष में पर्याप्त समर्थन है। इस कारण कांग्रेस चुनाव की तिथि घोषित करने से डर रही है।
विज्ञापन



जिला परिषद की सरदारी पर कांग्रेस का ही रहा दबदब जिला परिषद शिमला में सरकार चाहे भाजपा की रही हो या कांग्रेस की अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस का दबदबा रहा है। यह पहली बार है कि कांग्रेस के पास पर्याप्त बहुमत नहीं आया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह जिले का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन तीनों मंत्रियों की साख भी दांव पर है। कैबिनेट रैंक के अधिकांश पद भी इसी जिले को मिले हैं। यही वजह है कि सरकार और मंत्री इस मामले में किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। वहीं जिला परिषद की सत्ता को लेकर कांग्रेस आठ अगस्त को बैठक करने जा रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री की व्यस्तता के चलते यह बैठक टल गई थी। अब 16 या 17 अगस्त को यह बैठक हो सकती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें