तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को अर्की से भाजपा प्रत्याशी इसलिए कड़ी टक्कर दे पाए कि भाजपा ने वहां एकजुट होकर काम किया। सूत्रों की मानें तो इसी तरह पिछले दिनों कुछ अन्य भाजपा नेताओं ने भी सीएम से भेंट की है। पूर्व सांसद सुरेश चंदेल भी उन नेताओं में माने जाते हैं, जो खुद की नियुक्ति की उम्मीद जताए हैं।
पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रिखी राम कौंडल, पूर्व विधायक डॉ. अनिल धीमान आदि भी सरकारी ओहदों पर अपनी ताजपोशी चाहने वालों में से माने जा रहे हैं। इनमें से कोई खुलकर अपनी बात कह रहा है तो कोई अपने समर्थकों के माध्यम से अपने मन की बातें बता रहे हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती का कहना है कि यह मुख्यमंत्री का क्षेत्राधिकार है कि किसकी नियुक्ति की जानी है। वही इस पर फैसला करेंगे।