प्रदेश में किसान-बागवान एक ही श्रेणी में आते हैं, जबकि इन दोनों की समस्याएं भी अलग हैं और इसके समाधान भी। ऐसे में किसान और बागवानों की श्रेणी और परिभाषा की समय-समय पर मांग उठती रही है।
बागवानी को रखा है 100 करोड़ का बजट
प्रदेश में इस बजट में 100 करोड़ का प्रावधान बागवानी के लिए किया गया है। इसमें किसानों के नाम का जिक्र नहीं है। किसानों की 2022 तक आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विभिन्न योजनाएं बनाई गई हैं।
प्रदेश में किसानों और बागवानों की छोटे और बड़े किसान-बागवान की श्रेणी बनाई गई है। इसके अलावा किसान और बागवान के लिए अन्य कोई परिभाषा की आवश्यकता नहीं है। इसी के आधार पर किसान-बागवानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाता है। - राम लाल मारकंडा, कृषि एवं बागवानी मंत्री