हिमाचल के चंबा में बाल विवाह का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व में सामने आए आधा दर्जन से अधिक मामलों के संबंध में अभी जांच चल ही रही थी कि होली के दिन चाइल्ड लाइन संस्था ने एक और ऐसी ही शादी रुकवा दी।
जडेरा के एक गांव में एक 15 वर्षीय लड़की की शादी 19 वर्षीय युवक के साथ होने जा रही थी। चाइल्ड लाइन के हेल्पलाइन नंबर 1098 पर किसी ने सूचना दे दी। इसके बाद चाइल्ड लाइन संयोजक कपिल शर्मा व सदर थाना के अतिरिक्त प्रभारी मनोज वालिया टीम लेकर मौके पर पहुंचे।
कपिल शर्मा ने बताया कि दोनों परिवारों ने दो साल पूर्व ही यह रिश्ता पक्का कर दिया था और होली के दौरान शादी रखी गई थी। लड़की व उसके परिवार की काउंसलिंग की गई है। नाबालिग ने बताया कि वह शादी नहीं करना चाहती है और उसे आगे पढ़ना है। परिवार के डर की वजह से उसे यह शादी करनी पड़ रही थी।
लड़के के परिजन भी उसके 21 साल और लड़की के 18 साल पूरे होने तक शादी न करवाने के लिए राजी हो गए हैं। उन्होंने बताया कि लड़की की आगे की पढ़ाई जारी रखी जाएगी और चाइल्ड लाइन संस्था इसकी देखरेख करेगी।
एएसआई मनोज वालिया ने दोनों परिवारों को विवाह के लिए तय कानून व उम्र के बारे में बताया। यदि लड़की के साथ कुछ अनहोनी होती है तो पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया जाएगा। हालांकि बाद में दोनों परिवारों की रजामंदी के बाद किसी पर भी केस दर्ज नहीं किया गया है।
जागरूक करे प्रशासन
चाइल्ड लाइन के संयोजक कपिल शर्मा ने बताया कि लड़की गुज्जर समुदाय से थी। उन्होंने कहा कि जल्द ही उपायुक्त से मुलाकात कर जिलेभर के काजियों को बाल विवाह के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान चलाने का आह्वान किया जाएगा।
सराहनीय है चाइल्ड लाइन का काम
उपायुक्त सुदेश मोख्टा ने बताया कि बाल विवाह को रोकने में चाइल्ड लाइन की भूमिका सराहनीय है। अब तक जिला में जितने भी मामले सामने आए हैं, उनमें एकाध को छोड़कर सभी चाइल्ड लाइन की वजह से ही पकड़ में आ सके। लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।