मामला वर्ष 2015 का है जब कटवाल महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रिंसिपल पद से सेवानिवृत्त होने के बाद वह विभाग में जिला बाल संरक्षण अधिकारी के तौर पर कार्यरत थे।
कुछ महीनों बाद ही विभाग की ओर से उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं थीं। इसी बीच, शिकायतकर्ता ने विभाग से आरटीआई के तहत कुछ जानकारी ली।
आरोप है कि जो रिकॉर्ड शिकायतकर्ता को मुहैया करवाया गया उससे छेड़छाड़ की गई थी। डीएसपी सिटी दिनेश शर्मा ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। मामले से जुड़ा रिकॉर्ड लिया जा रहा है।