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पुलिस ने वीरभद्र को दे दिया गार्ड ऑफ ऑनर, जवाब तलब

Sat, 16 Jun 2018 08:41 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
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पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कार्यक्रम में जिला पुलिस हमीरपुर की बड़ी चूक सामने आई है। परिधि गृह में सुबह पुलिस के पांच जवानों की गारद ने पूर्व मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दे दिया। वीरभद्र सिंह ने भी सलामी ले ली।

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जानकारों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर नहीं दिया जा सकता। इससे प्रदेश में नया विवाद खड़ा हो गया है। उधर, एसपी ने मामले की जांच बिठाकर सलामी देने वाले जवानों से जवाब तलब कर लिया है। यह भी सवाल उठ रहे हैं कि छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह इतनी बड़ी गलती कैसे कर सकते हैं। 

नियमों के मुताबिक इनको दिया जाता है गार्ड ऑफ ऑनर

नियमों के मुताबिक राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और कैबिनेट मंत्री को ही गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा सकता है, लेकिन हमीरपुर में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के लिए नियम तोड़ दिए गए।

मामले के तूल पकड़ते ही पुलिस विभाग ने गलती मानते हुए कार्रवाई के आदेश दे दिए। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर रमन कुमार मीणा का कहना है कि परिधि गृह हमीरपुर में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के पहुंचने का कार्यक्रम था।

इसके लिए पुलिस गारद तैनात थी, लेकिन पुलिस जवानों ने गलती से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर दे दिया। उन्होंने बताया कि इस मामले पर जांच बिठा दी गई है, सलामी देने वाले पुलिस जवानों से जवाब तलब कर लिया है।

वीरभद्र के कार्यक्रम से संगठन ने बनाई दूरी

 महाराजा संसार चंद की नगरी सुजानपुर में आयोजित ब्लॉक कांग्रेस सम्मेलन में भले पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह बतौर मुख्यातिथि पहुंचे। लेकिन इस कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस सुजानपुर के अध्यक्ष समेत जिला अध्यक्ष व संगठन के पदाधिकारी ही नहीं पहुंचे।

इसके अलावा वीरभद्र खेमे से भी जिला से कई बड़े नेता कार्यक्रम से नदारद रहे। गुटबाजी के कारण पार्टी के एक गुट के कई बड़े नेता कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। प्रदेश में विधानसभा चुनावों में सत्ता से बाहर हुई कांग्रेस ने अभी सबक नहीं लिया।

जिला में भाजपा का किला भेदने के लिए एक साथ चलने की बजाय गुटबाजी में फंसे हुए हैं। सुजानपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का ही धड़ा नजर आया, जबकि जिला के कई नेताओं और ब्लॉक पदाधिकारियों ने कार्यक्रम से दूरी बनाई रखी।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने भी खुले मंच से विस चुनावों में गलत टिकट आवंटन के अलावा संगठन पर सवाल उठाए। विस चुनाव में प्रत्याशी और विधायक राजेंद्र राणा के पक्ष में चुनाव प्रचार के उपरांत पहली बार जनसभा की।

विधायक राजेंद्र राणा द्वारा रखे गए इस कार्यक्रम में भोरंज से उपचुनाव में प्रत्याशी प्रोमिला, बड़सर विस क्षेत्र के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के अलावा राकेश कालिया, बंबर ठाकुर, जगदीश सिपहिया आदि नेताओं ने भाग लिया।

जबकि जिला के कई नेता और ब्लॉक पदाधिकारियों ने दूरी बनाई रखी। वहीं ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा का कहना है कि पदाधिकारी क्यों नहीं पहुंचे, इसकी जानकारी नहीं है।

प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू, पूर्व विधायक अनीता वर्मा, पूर्व विधायक कुलदीप पठानिया, एपीएमसी के पूर्व अध्यक्ष प्रेम कौशल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के डेलीगेट राजेंद्र जार, जिला

अध्यक्ष नरेश ठाकुर और सुजानपुर ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा की गैर मौजूदगी इस कार्यक्रम में खूब चर्चा का विषय रही। हालांकि कुछेक नेताओं ने अपनी खराब सेहत का हवाला दिया।
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