मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का पुतला जलाने के मामले में आरोपी बनाए गए भाजपा नेताओं के खिलाफ पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश कर दिया है। शनिवार को पूर्व विधायक बलवीर चौधरी एवं भाजपा नेता सुशील कालिया सहित करीब दस भाजपा नेता अंब न्यायालय में पेश हुए।
यहां से इन्हें स्थायी जमानत मिल गई है। इसके बाद पूर्व विधायक बलवीर चौधरी ने पत्रकारों से कहा कि लोकतंत्र में अपनी आवाज बुलंद करने का सभी को अधिकार है, लेकिन वर्तमान प्रदेश सरकार राजनीतिक प्रतिशोध के चलते अपने विरोधियों की आवाज दबाने पर उतारू है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर आय से अधिक संपत्ति होने के कई आरोप लगे थे। इसी के चलते भाजपा नेताओं ने अपना विरोध प्रकट करने के लिए छह जनवरी को दौलतपुर चौक में प्रदर्शन किया था और मुख्यमंत्री का पुतला जलाया था।
प्रदेश सरकार को यह रास नहीं आया और पुलिस के माध्यम से प्रदर्शन में शामिल हुए भाजपा नेताओं पर जबरन रास्ता रोकने के झूठे केस तक दायर करवाए गए।
शनिवार को न्यायालय से जिन भाजपा नेताओं को स्थायी जमानत मिली है, उनमें पूर्व विधायक बलवीर चौधरी, सुशील कालिया, प्रोमिला ठाकुर, भाजपा मंडल अध्यक्ष राम मूर्ति शर्मा, गुलाम मोहम्मद सहित करीब दस भाजपा नेताओं के नाम शामिल हैं।