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भाजपा विधायक से उलझी कांस्टेबल, पुलिस प्रशासन ने लिया ये फैसला

Thu, 29 Nov 2018 10:23 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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शहर के सीटीओ चौक पर तैनात एक महिला ट्रैफिक कांस्टेबल पर भाजपा विधायक के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में पुलिस प्रशासन ने जांच बिठा दी है। डीएसपी ट्रैफिक को एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

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महिला कांस्टेबल को सीटीओ चौक के ड्यूटी प्वाइंट से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया है। विधायक की ओर से एसपी कार्यालय में मौखिक तौर पर संबंधित कांस्टेबल की शिकायत की गई थी।

दूसरी ओर महिला कांस्टेबल ने महकमे को दिए अपने बयान में विधायक के साथ किसी भी तरह के दुर्व्यवहार करने से इंकार किया है। मामला मंगलवार शाम करीब सवा चार बजे का है। महिला कांस्टेबल ड्यूटी पर सीटीओ चौक पर थीं।
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इसी दौरान एजी चौक की ओर से एक गाड़ी आई। कांस्टेबल ने पुलिस गुमटी से करीब 60 मीटर दूर गाड़ी को रुकवा दिया। विधायक ने गाड़ी का शीशा उतार कर कहा कि मैं विधायक हूं । गाड़ी में विधानसभा का परमिट भी लगा था।

इसके बाद विधायक गाड़ी से अपनी बेटी के साथ उतरे और ड्राईवर ने गाड़ी वापस मोड़ ली। इस पर महिला कांस्टेबल ने ड्राईवर को रोका और पूछा कि यह कौन विधायक हैं? इस बीच ड्राइवर और कांस्टेबल किसी बात को लेकर उलझ गए।

महिला कांस्टेबल के तेवर से आहत विधायक एसपी के पास गए

यह देखकर विधायक वापस लौटे। विवाद बढ़ने पर विधायक ने महिला कांस्टेबल से कहा कि आप अपना नाम बताएं तो कांस्टेबल ने जवाब दिया कि मेरा पूरा बायोडाटा एसपी आफिस में है। महिला कांस्टेबल के तेवर से आहत विधायक एसपी के पास गए और पूरे मामले की जानकारी दी।

इस पर एसपी ने डीएसपी ट्रैफिक को जांच का जिम्मा सौंपा।  डीएसपी ट्रैफिक परम देव ठाकुर ने कहा कि विधायक और महिला ट्रैफिक कांस्टेबल के बीच गलतफहमी की वजह से विवाद हुआ था। विधायक ने कांस्टेबल से उसका नाम पूछा था लेकिन कांस्टेबल ने दुर्व्यवहार किया।

निष्पक्ष जांच के लिए महिला कांस्टेबल का ड्यूटी प्वाइंट से बदल दिया है। विधायक ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की है। मामले की जांच शुरू कर दी है और एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट पुलिस प्रशासन को सौंप दी जाएगी।

क्या कहते हैं विधायक  

विधायक ने कहा कि वह अपनी बेटी के साथ जा रहे थे। सीटीओ पुलिस गुमटी से करीब सौ मीटर दूर महिला कांस्टेबल ने गाड़ी को रोक दिया। गाड़ी में परमिट लगा था। सीटीओ चौक पर जब वह बेटी के साथ गाड़ी से उतरे और आगे की तरफ बढ़े तो बेटी ने बताया कि महिला कांस्टेबल ने गाड़ी रोक दी है और वह ड्राइवर के साथ दुर्व्यवहार कर रही है।

वह वापस लौटे और उन्होंने महिला कांस्टेबल से कहा कि बेटे आपका क्या नाम है उस पर कांस्टेबल ने कहा कि मेरा पूरा बायोडाटा एसपी कार्यालय में है। इसके बाद वह तुरंत एसपी कार्यालय गए और पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले की जानकारी दी। मैंने महिला कांस्टेबल के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार नहीं किया आरोप पूरी तरह निराधार है।  
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महिला कांस्टेबल ने पुलिस महकमे को यह दिया बयान 

महिला कांस्टेबल ने पुलिस महकमे को दिए लिखित बयान में कहा कि शाम करीब सवा चार बजे सीटीओ चौक के पास एक गाड़ी आई। रोका तो गाड़ी में बैठे व्यक्ति ने कहा कि मैं विधायक हूं। इसके बाद ड्राइवर गाड़ी सीटीओ चौक की तरफ ले गया।

इसके बाद विधायक गाड़ी से उतर गए। ड्राइवर से पूछा कि  वह कौन विधायक हैं? ड्राइवर के साथ बात देखकर विधायक लौट आए और कहने लगे कि तुम दुर्व्यवहार कर रही हो। कांस्टेबल ने अपनी सफाई देते हुआ कहा कि मैंने परमिट चेक करना चाहा था उसमें विस का परमिट लगा था।

मैंने विधायक को कहा कि बिना परमिट चालान होता है, क्योंकि यह सील्ड रोड है। विधायक ने नाराज होते हुए कहा कि तुम्हें बात करने की तहजीब नहीं, अपना नाम बताओ जिस पर कांस्टेबल ने कहा कि एसपी आफिस में मेरा पूरा बायोडाटा है। इस के बाद विधायक वहां से चले गए।
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