येरुशलम को लेकर इस्राइल और अरब देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच हिमाचल पुलिस ने कुल्लू के कसोल में सतर्कता बढ़ा दी है। न सिर्फ खुफिया तंत्र को एक्टिव कर हर छोटी-बड़ी गतिविधि की जानकारी इकट्ठा की जा रही है
बल्कि हिमाचल पुलिस के कमांडो की एक टीम व क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) को भी कसोल में तैनात कर दिया है। हाल में पुलिस ने कसोल में कई घरों में तलाशी भी की थी। सूबे के आला अधिकारियों ने पुलिस की मूवमेंट बढ़ने की पुष्टि की है।
हालांकि, इसे रुटीन प्रक्रिया बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हिमाचल पुलिस ने यह कवायद हाल में हिमाचल खासकर कुल्लू में बढ़ी आतंकी गतिविधियों को देखते हुए की है।
हाल में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) व यूपी एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड (एटीएस) लखनऊ से आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के संदिग्ध आतंकी शेख अब्दुल नई को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा प्रतापगढ़ से भी एक अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।
आईएस के आतंकी की कुल्लू से हो चुकी है गिरफ्तारी
पूछताछ के दौरान ही नईम ने कसोल में इस्राइलियों के ठिकानों की रेकी की बात स्वीकारी थी। इसके बाद हिमाचल पुलिस व केंद्रीय खुफिया व जांच एजेंसियां कसोल में अपने अपने स्तर पर जांच व निगरानी कर रही थीं।
अब येरुशलम को लेकर विवाद बढ़ने के बाद आतंकी संगठनों द्वारा मिनी इस्राइल को निशाना बनाने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में हिमाचल पुलिस ने पहले ही एहतियातन अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। डीजीपी सोमेश गोयल ने कहा कि येरुशलम विवाद का कसोल से कुछ कनेक्शन नहीं है।
हालांकि यह जरूर कहा कि केंद्रीय व राज्य की खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर ही कसोल में हाल में तलाशी अभियान चलाया गया था। इसके अलावा एहतियात के तौर पर क्विक रिएक्शन टीम को भी तैनात किया गया है।
लखनऊ में लश्कर के संदिग्ध आतंकी की गिरफ्तारी से पहले पिछले साल कुल्लू के मनाली से एनआईए द्वारा आतंकी संगठन आईएस के आतंकी आबिद खान की गिरफ्तारी हुई थी।
इसके अलावा प्रदेश के कई इलाकों में पाकिस्तान व आईएस के समर्थन में नारे लिखने के मामले भी सामने आए हैं। चूंकि येरुशलम को लेकर पहले ही दोनों धर्म से जुड़े देशों व लोगों के बीच तनाव है। ऐसे में खुफिया एजेंसियां ज्यादा सतर्कता बरत रही हैं।
खुफिया एजेंसियां अलर्ट, अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों की भी निगाह
येरुशलम को लेकर बढ़े विवाद के बीच भारतीय खुफिया एजेंसियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। यही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियां भी कसोल में होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखे हैं। इस्राइली एजेंसियां अघोषित रूप से अपने नागरिकों से लगातार संपर्क में हैं।
हालांकि डीजीपी किसी आतंकी घटना के इनपुट से इनकार कर रहे हैं। डीजीपी ने कहा कि विदेशी नागरिकों की ज्यादा मौजूदगी की वजह से पुलिस वैसे भी इंटेलिजेंस इनपुट जुटाती रहती है। रुटीन प्रक्रिया के तहत विदेशियों के ठहरने या रहने वाले इलाकों की सामान्य तौर पर भी जांच व निगरानी की जा रही है।
बड़ी संख्या में कसोल आते हैं इस्राइली
सूत्रों की मानें तो भारत आने वाले इस्राइली नागरिकों में आधे से ज्यादा कसोल जरूर आते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में इस्राइली यहां लंबे समय से रह रहे हैं। हालांकि पुलिस सूत्रों की मानें तो पर्यटन सीजन खत्म होने और दिसंबर से बर्फबारी शुरू होने के चलते काफी इस्राइली दूसरे इलाकों में चले जाते हैं।