प्रदेश में ग्रामीण इलाकों में बढ़ते साइबर क्राइम के मामलों को देखते हुए प्रदेश पुलिस ने लोगों को जागरूक करने के लिए मुहिम चलाने की तैयारी शुरू की है। तीन फेज में चलने वाले अभियान में लोगों को साइबर क्राइम के तरीकों से रूबरू कराया जाएगा। उन्हें इससे बचने और शिकार होने की स्थिति में उठाए जाने वाले जरूरी कदमों की भी जानकारी दी जाएगी।
प्रदेश में पिछले कुछ समय में इंटरनेट और तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा है। ऐसे में लोगों के साथ ठगी की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। अपराध के इस नए ट्रेंड को देखते हुए प्रदेश के साइबर क्राइम सेल लोगों को जागरूक करेगा। डीआईजी साइबर क्राइम वीके धवन ने बताया कि ग्रामीण इलाकों के लोगों को जागरूक करने के लिए तीन फेज में अभियान चलाया जाएगा।
करीब 17 हजार गांवों के लोगों को साइबर अपराधों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही ऐसी घटनाओं या ठगी से कैसे बचा जा सकता है, इसके बारे में भी बताया जाएगा। साइबर अपराध के मामले पिछले दो साल में काफी बढ़े हैं। पुलिस आंकड़ों के अनुसार साल 2015 में साइबर क्राइम से जुड़े पचास मामले दर्ज किए गए।
2016 में अभी तक 187 मामले सामने आ चुके हैं। डीआईजी धवन ने बताया कि प्रदेश के ग्रामीण इलाकों के लोगों के साथ सबसे ज्यादा फोन पर ठगी के मामले सामने आए हैं। अपराधी ग्रामीणों को फोन पर डेबिट कार्ड की डिटेल और पिन हासिल कर लेते हैं। जब तक व्यक्ति कुछ समझ पाए, तब तक उसके खाते से रकम उड़ा देते हैं। लोगों को इसी चीज को लेकर जागरूक किया जाएगा।