विश्व धरोहर शिमला-कालका रेल ट्रैक पर 11 अगस्त को शिमला से बड़ोग स्टेशन तक ट्रेन में कविताएं और कहानियां गूंजेंगी। हिमालय साहित्य, संस्कृति एवं पर्यावरण मंच की ओर से बाबा भलकू की स्मृति में दूसरी साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन होगा। इसमें प्रदेश भर के साहित्यकार भाग लेंगे। मंच के अध्यक्ष एसआर हरनोट ने बताया कि बाबा भलकू अनपढ़ होते हुए भी विलक्षण प्रतिभा के धनी थे।
कालका से शिमला तक रेल लाइन बिछाने में उन्होंने अंग्रेजों की मदद की। हरनोट ने बताया कि यात्रा सुबह 10:40 बजे शिमला से शुरू होगी और बड़ोग तक चलेगी। बड़ोग में दोपहर के भोजन और ठहराव के बाद तीन बजे यात्रा शिमला लौटेगी। यात्रा के दौरान रास्ते में पड़ने वाले स्टेशनों बड़ोग, समरहिल, तारादेवी, कैथलीघाट, कंडाघाट, कनोह और बड़ोग के नाम पर कविता, गजल, कहानी और संस्मरण के सत्र आयोजित होंगे।
आयोजन में सुदर्शन वशिष्ट, हेमराज कौशिक, मीनाक्षी पॉल, सतीश रतन, बद्री सिंह भाटिया, कुल राजीव पंत, आत्मा रंजन, गुप्तेश्वर नाथ उपाध्याय, विद्या निधि, राकेश कुमार, विनोद बिट्ठल, भारती कुठिआला, सुमन धनंजय, दिनेश शर्मा, देव कन्या, सीताराम शर्मा, मोनिका, मधु शर्मा, नरेश, कुलदीप गर्ग, तरुण, दीप्ति सारस्वत, प्रियंवदा शर्मा, देवीना, कौशल मुंगटा, उमा ठाकुर, कल्पना गांगटा, शांति स्वरूप, अश्वनी कुमार, आनंद शर्मा, वंदना राणा और किरण गुलेरिया भाग लेंगे।