सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बिलासपुर-लेह रेललाइन प्रोजेक्ट पर रक्षा मंत्रालय ही नहीं पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) भी दिलचस्पी दिखा रहा है। प्रोजेक्ट के सर्वे पर नजर बनाए रखने के साथ ही पीएमओ ने अब इसे रफ्तार देने ठान ली है। इस बाबत रेलवे को आवश्यक निर्देशों के साथ जरूरी पत्र भेजा गया है। पीएमओ के इस पत्र में रेलवे मंत्रालय को प्रोजेक्ट के सर्वे कार्य में और तेजी लाकर दिसंबर 2021 तक इसकी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) रक्षा मंत्रालय को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
बता दें कि बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन प्रोजेक्ट का सर्वे लंबे अरसे से चला है। प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करने के लिए वर्ष 2017 से 2021 तक समय सीमा को बढ़ाया जाता रहा है। लेकिन, अब पीएमओ डीपीआर में किसी भी तरह की देरी के लिए तैयार नहीं है। पीएमओ ने रेलवे को पत्र भेजकर स्पष्ट कर दिया है कि इस महत्वाकांक्षी रेल प्रोजेक्ट की डीपीआर दिसंबर 2021 में रक्षा मंत्रालय को सौंपी दी जाए। पीएमओ का मानना है कि प्रोजेक्ट रिपोर्ट मिलने के बाद ही इसे कैबिनेट की इकोनामिक अफेयर्स कमेटी से पास करवाकर प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए बजट की व्यवस्था हो पाएगी। रेलवे बोर्ड के अतिरिक्त सदस्य संजय रस्तोगी ने प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करने से संबंधित पीएमओ का पत्र मिलने की पुष्टि की है।
बिलासपुर-लेह रेल प्रोजेक्ट रक्षा मंत्रालय की अहम परियोजनाओं में से एक है। इसका सर्वे का कार्य जोरों पर है। यह प्रोजेक्ट चुनौतीपूर्ण है लेकिन, असंभव नहीं है। उत्तर रेलवे इस पर गहनता से कार्य कर रहा है।
- दीपक कुमार, सीपीआरओ, उत्तर रेलवे
उत्तर रेलवे इसी साल प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार कर रक्षा मंत्रालय को सौंपेगा। अलाइनमेंट तैयार करने के लिए हर पहलू पर गहनता से कार्य किया जा रहा है। तुर्की के विशेषज्ञों से लेकर सासे तक से इसकी रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है।
-दिनेश त्रिपाठी, चीफ इंजीनियर, उत्तर रेलवे
सासे ने दी है एवलांच स्टडी की रिपोर्ट
बिलासपुर-लेह रेललाइन को एवलांच से बचाने के लिए उत्तर रेलवे ने सासे (सेंटर स्नो एंड एडवांस स्टडी एस्टेब्लिशमेंट) का सहयोग लिया है। सासे ने रिपोर्ट उत्तर रेलवे को सौंप दी है। इस रेललाइन को एवलांच से बचाने के लिए अधिकतर स्थानों पर टनल के अंदर से अलाइनमेंट तैयार की गई है। वहीं कई जगह अधिक ऊंचाई से अलाइनमेंट को लेने का सुझाव दिया गया है।
सुनील भारद्वाज, सासे के अधिकारी
दिल्ली पहुंचे तुर्की के विशेषज्ञ
प्रोजेक्ट के लिडार सर्वे को और सटीक करने और डिजीटल मैप को सत्यापित करने के लिए तुर्की से सर्वे विशेषज्ञों की दो सदस्यीय टीम दिल्ली पहुंच गई है। इसके बाद मार्च के तीसरे सप्ताह में तुर्की से ही अलाइनमेंट वैरिफिकेशन/रिफाइनमेंट, ब्रिज डिजाइन, टनल डिजाइन की संयुक्त टीम भी हिमाचल और लेह का दौरा करेगी। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद डीपीआर तैयार कर मंत्रालय को सौंप दी जाएगी।