हिमाचल प्रदेश विद्युत विनियामक आयोग ने पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने का मसौदा जारी किया है। प्रस्ताव के अनुसार ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मिलेगी और नेट मीटरिंग के लिए अलग एग्रीमेंट की अनिवार्यता समाप्त की जा सकती है। इससे आवेदन प्रक्रिया आसान होगी और प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत हिमाचल प्रदेश में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। हिमाचल प्रदेश विद्युत विनियामक आयोग ने नियमों में संशोधन का एक मसौदा जारी किया है, जिसका उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन करना और नेट मीटरिंग के लिए अलग से एग्रीमेंट करने की अनिवार्यता को समाप्त करना है।
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आवेदन प्रक्रिया में आसानी
प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार, अब उपभोक्ता रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल, ई-मेल, डाक या व्यक्तिगत रूप से आवेदन कर सकेंगे। इससे कागजी कार्यवाही में कमी आएगी और आवेदन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और सुगम होने की उम्मीद है। यह कदम अधिक से अधिक लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
नेट मीटरिंग प्रक्रिया होगी सरल
नई व्यवस्था के तहत, नेट मीटरिंग की प्रक्रिया को भी अधिक उपभोक्ता-अनुकूल बनाने का प्रस्ताव है। आयोग ने नेट मीटरिंग के लिए अलग से एग्रीमेंट करने की अनिवार्यता को समाप्त करने का सुझाव दिया है। इससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त दस्तावेजी प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी और सोलर संयंत्र को ग्रिड से जोड़ने में लगने वाले समय में भी कमी आएगी।
नेट मीटरिंग क्या है?
नेट मीटरिंग एक ऐसी प्रणाली है जिसमें रूफटॉप सोलर संयंत्र से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को बिजली ग्रिड में भेजा जाता है। जब उपभोक्ता की घरेलू ऊर्जा आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन होता है, तो उस अतिरिक्त बिजली का समायोजन उनके बिजली बिल में किया जाता है। इस प्रणाली से उपभोक्ताओं के बिजली खर्च में कमी आती है और स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलता है।
डिजिटल प्रणाली से सौर ऊर्जा को मिलेगी गति
विशेषज्ञों का मानना है कि आवेदन और स्वीकृति प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण से अधिक लोग रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रेरित होंगे। इससे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को भी गति मिलेगी और प्रदेश में स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा।
आम जनता से सुझाव आमंत्रित
आयोग ने राजपत्र में प्रकाशित इस मसौदे पर आम जनता और संबंधित पक्षों से निर्धारित अवधि के भीतर अपने सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इन सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि नए नियम सभी हितधारकों के लिए लाभकारी और व्यावहारिक हों।