हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में शिक्षा दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाइव भाषण दिखाने के दावों की पोल खुल गई है। सूबे के पंद्रह हजार सरकारी स्कूलों में से 8 हजार स्कूलों के बच्चे मोदी को लाइव नहीं देख सकेंगे। प्रदेश के आधे से ज्यादा स्कूलों में न बिजली है और न ही इंटरनेट की कोई सुविधा।
आठ हजार प्राइमरी, माध्यमिक और हाई स्कूलों के बच्चे ऐसे में रेडियो पर ही मोदी को सुन सकेंगे। शिक्षक दिवस पर पांच सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश भर के सभी स्कूलों के बच्चों को संबोधित करेंगे। सभी स्कूलों को मोदी का लाइव भाषण दिखाने के लिए केंद्र सरकार ने निर्देश जारी किए हैं। लेकिन हिमाचल के आधे से ज्यादा स्कूलों में लाइव टेलीकास्ट की कोई व्यवस्था ही नहीं है।
80 फीसदी स्कूलों में कनेक्टिविटी ही नहीं
प्राइमरी से उच्च स्तर तक के 80 फीसदी से ज्यादा स्कूलों में कोई कनेक्टिविटी ही नहीं है। जिलों से मंगलवार को सभी उप निदेशकों ने निदेशालय को इसकी रिपोर्ट भेजी है। कल यानी बुधवार को यह रिपोर्ट सरकार के पास भी पहुंच जाएगी।
निदेशक प्रारंभिक शिक्षा अशोक शर्मा ने बताया कि प्रदेश की भौगोलिक स्थिति ऐसी नहीं है कि दूरदराज के स्कूलों में बिजली, इंटरनेट की सुविधा मिल सके। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण अधिकतर स्कूलों में रेडियो पर ही सुना जा सकेगा।
मात्र 650 स्कूलों में इंटरनेट सुविधा
हिमाचल के 15 हजार स्कूलों में से के वल शहरी क्षेत्रों के 650 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में ही इंटरनेट की सुुविधा है। इनमें भी सभी स्कूलों में इंटरनेट पूरी तरह कार्य नहीं करता है। इन स्कूलों में बहुत कम स्कूल ऐसे हैं, जो मोदी का भाषण लाइव देख पाएंगे।
बच्चों से बात होगी या नहीं, तय नहीं
भाषण के बाद प्रदेश के स्कूली छात्र मोदी बात करेंगे या नहीं, इस संबंध में शिक्षा विभाग को निर्देश जारी नहीं हुए हैं। ऐसे में अभी मोदी से सीधे बात करने के लिए किसी के कोई प्रबंध नहीं किए हैं। पांच सितंबर को मोदी 2:30 से 4:45 तक रू-ब-रू होंगे और स्कूली बच्चों से सवाल जवाब करेंगे।
पांच को 11 बजे लगेंगे स्कूल
शिक्षक दिवस पर कांगड़ा के सभी स्कूल 11 से 5 बजे तक खुलेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के लिए शिक्षा विभाग ने एक दिन के लिए स्कूल के समय में बदलाव किया है। कांगड़ा के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी स्कूल 11 बजे लगेंगे।
स्कूलों का समय बदलने का फैसला जिला प्रशासन अपने स्तर पर ले सकते हैं। विभाग की ओर से इस बारे स्कूलों को कोई निर्देश जारी नहीं हुए हैं।