प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिमाचल दौरे से सामरिक महत्त्व की मनाली-लेह रेललाइन के जल्द धरातल पर उतरने की उम्मीद बढ़ गई है। मंगलवार को मंडी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय महत्त्व के इस प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा एलान कर सकते हैं।
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पीएम के दौरे से पूर्व पीएमओ की ओर से मांगी गए सूबे से जुड़े मसलों में सांसदों ने इस परियोजना को पहले नंबर पर रखा है। राष्ट्रीय महत्त्व के इस प्रोजेक्ट के जरिये रेललाइन को मंडी और मनाली होते हुए लेह और चीन-पाक सीमा तक ले जाने की योजना है।
इस रेल प्रोजेक्ट के जमीन पर उतरने से न केवल सैनिक और रसद आसानी से पहुंच सकेंगे, बल्कि हिमाचल में भी पर्यटन को नए पंख लग सकते हैं। साल 2011-12 के रेल बजट में घोषित बिलासपुर-मंडी-मनाली रेललाइन करीब 500 किमी लंबी होगी। प्रोजेक्ट का ऐलान होने से सीमा पर भारतीय सेना को और मजबूती मिलेगी।
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बर्फबारी में दुनिया से जुड़ा रहेगा लाहौल, लागत 50 हजार करोड़
इस पर अनुमानित करीब 50 हजार करोड़ रुपये लागत आएगी। योजना आयोग से मंजूरी मिल चुकी है। प्रारंभिक सर्वे भी हो चुका है। दावा है यह रेल ट्रैक दुनिया का सबसे ऊंचा होगा। सामरिक मोर्चे पर चीन को टक्कर देने के लिए भी इस रेललाइन को बेहद अहम माना जा रहा है।
चूंकि, ये रेललाइन बिलासपुर, मंडी, कुल्लू, मनाली और लाहौल-स्पीति से होकर गुजरेगी। इस रेललाइन को पठानकोट, कांगड़ा, जोगिंद्रनगर रेल ट्रैक से भी जोड़ने की योजना है। लिहाजा, इसके जमीन पर उतरने से करीब आधा हिमाचल रेल नेटवर्क से जुड़ेगा।
इससे बर्फ के चलते 6 महीने तक देश - दुनिया से कटे रहने वाले लाहौल जैसे इलाके को पूरा साल कनेक्टिविटी मिल सकेगी। ऐसे में हिमाचल के पर्यटन को आयाम मिलेगा, क्योंकि सैलानी आसानी से देवभूमि में पहुंच सकेंगे।
चीन बॉर्डर को नेटवर्क से जोड़ना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। मंडी मनाली लेह रेललाइन प्रोजेक्ट भी इसी का हिस्सा है। भाजपा सांसदों ने इस मुद्दे को प्रधानमंत्री से उठाया है।- राम स्वरूप शर्मा, सांसद मंडी क्षेत्र
मोदी की रैली पर कौल सिंह ने उठाए सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन पर भाजपा की 18 अक्तूबर को मंडी में प्रस्तावित परिवर्तन रैली पर स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने सवाल उठाए हैं। कहा कि प्रदेश में स्थिति कई प्रोजेक्टों का उद्घाटन और शिलान्यास करने के कार्यक्रम को राजनीतिक रूप देना गलत है। मंडी के पड्डल मैदान के एक हिस्से में ही पीएम कई प्रोजेक्टों का उद्घाटन करेंगे।
वहीं, उसी के बगल में राजनीतिक रैली का आयोजन किया जा रहा है। कहा कि अच्छा होता कि पार्टी की राजनीतिक रैली की बजाय उसे सरकारी रैली बनाया जाता। ऐसा होने पर मुख्यमंत्री भी प्रदेश के हितों की बात रखते और प्रदेश की ओर से केंद्र से अपेक्षाएं भी सार्वजनिक करते।
हालांकि, साफ किया कि भाजपा के इस कदम के बावजूद सरकार प्रधानमंत्री का स्वागत करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दौरान प्रधानमंत्री बिलासपुर में प्रस्तावित एम्स का भी शिलान्यास कर हिमाचल को बड़ी सौगात दे सकते हैं। अगर वह अभी इसका शिलान्यास करते हैं तो भी एम्स के लोगों को सेवाएं देने में तीन साल का समय लगेगा। ऐसे में इसके निर्माण में अनावश्यक देर नहीं करनी चाहिए।
अतिक्रमण करने वालों पर होगी सख्ती
कौल सिंह ने कहा कि त्योहारों के अलावा सामान्य दिनों में भी सड़क किनारे खोखे लगाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद सरकार ने भी सभी विभागों को मिलकर अतिक्रमण को हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
बजट के लिए नड्डा से करेंगे मुलाकात
कौल सिंह बोले - प्रदेश में पांच ट्रॉमा सेंटर का निर्माण होना है। उसके लिए टोकन राशि तो केंद्र दे चुका है, लेकिन अभी तक बाकी राशि जारी नहीं हुई है। ऐसे में इसका काम पर असर पड़ सकता है। कहा कि इसके अलावा कई अन्य प्रोजेक्टों के लिए बजट जारी करने को वह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंडी में होने वाली परिवर्तन रैली के लिए शुक्रवार को पड्डल ग्राउंड और सुंदरनगर में सेना के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग का ट्रायल किया गया। पीएम के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग को लेकर सेना के अधिकारियों ने सुरक्षा के लिहाज से आपत्तियां जताई हैं।
हेलीकॉप्टर की लैंडिंग ट्रायल के दौरान पड्डल ग्राउंड में एसपीजी के अलावा प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद थे। मोदी की 18 अक्तूबर को पड्डल ग्राउंड में परिवर्तन रैली को लेकर हेलीकॉप्टर की लैंडिंग का ट्रायल किया गया। शुक्रवार दोपहर साढ़े 12 बजे सेना के हेलीकॉप्टर ने पड्डल ग्राउंड में लैंड किया।
हेलीकॉप्टर के साथ आए सेना के अधिकारियों ने पड्डल में तीन हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग के लिए जगह कम होने पर आपत्तियां जताई हैं। इसके बाद सुंदरनगर के पॉलीटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में हेलीकॉप्टर की लैंडिंग का ट्रायल करवाया गया। इसको लेकर
सेना के अधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ आने वाले तीन हेलीकॉप्टर को लैंड करने के जगह बहुत कम रखी गई है। ग्राउंड में ही मोदी की रैली हो रही है।
सेना अधिकारियों की ओर से हेलीकॉप्टर लैंडिंग पर आपत्ति जताने से प्रशासनिक अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों और एसपीजी ने बैठक कर आपत्तियों को दूर करने पर चर्चा की गई। शनिवार को एक बार फिर
हेलीकॉप्टर की लैंडिंग का ट्रायल किया जा सकता है। इस दौरान एडीएम विवेक चंदेल, एसडीएम सदर मदन कुमार, डीएसपी मुख्यालय हितेश लखनपाल और अन्य भी मौजूद रहे।