शहर के लोगों को अब एक फोन पर घर-द्वार पर सस्ता प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, मिस्त्री व विभिन्न उपकरणों की मरम्मत के लिए कारीगर मिल जाएगा। लोगों को यह सुविधा देने के लिए वीरवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (शहरी विकास) मनीषा नंदा ने अधिकारियों के साथ बैठक की।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत प्रदेश में अभी तक 540 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। विभाग और स्वयं सहायता समूह के गठन पर विचार कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत आने वाले प्रदेश के सभी कस्बों में चरणबद्ध तरीके से शहरी आजीविका केंद्र खोलने जाएं।