इससे पहले लोक गायिका गीता भारद्वाज ने लाल चिड़िए हो....गीत की प्रस्तुति दी। गायक बालकृष्ण शर्मा और सुब्रत ने इसके बाद मंच संभाला। हेमंत शर्मा को दूसरी बार स्टेज पर प्रस्तुति देने पहुंचे।
शिमला ग्रीष्मोत्सव की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि आने वाले समय में शिमला ग्रीष्मोत्सव को और बेहतर ढंग करवायाजाएगा। इसके लिए विदेशी सांस्कृतिक दलों को आमंत्रित करने के प्रयास होंगे।
उन्होंने कहा कि इस बार समय के अभाव और चुनाव आचार संहिता के बावजूद ग्रीष्मोत्सव में बहुत कुछ नया करने का प्रयास किया गया, इसके लिए जिला प्रशासन बधाई का पात्र है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के उत्सव हमारी संस्कृति को संजोए रखने और इसे जिंदा रखने में अहम रोल अदा करते हैं। भविष्य में कुल्लू दशहरा की तर्ज पर इसमें विदेशी ग्रुपों को बुलाने का प्रयास किए जाएंगे।
शिमला ग्रीष्मोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर का उत्सव का दर्जा न होने के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी जानकारी हासिल करेंगे। शिवरात्रि को भी अंतरराष्ट्रीय उत्सव बोला जाता रहा, मगर इसकी नोटिफिकेशन इस बार हुई है, ये सब चीजें ठीक करने की जरूरत है।