प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब साढ़े पांच लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिड डे मील के तहत भोजन परोसने के लिए सरकारी प्लेट और गिलास भी दिए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के अवलोकन के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय नई व्यवस्था करने में जुट गया है। इसी कड़ी में सभी जिलों से मिड डे मील खाने वाले बच्चों का ब्योरा तलब किया गया है ताकि बजट का इंतजाम किया जा सके।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन उपलब्ध करवाया जाता है। वर्तमान में विद्यार्थी अपने घरों से प्लेट और गिलास लेकर आते हैं। बीते दिनों मिड डे मील योजना का मूल्यांकन करते हुए सुप्रीम कोर्ट के ध्यान में यह मामला आया था।
कोर्ट के अवलोकन के बाद हिमाचल सरकार ने स्कूली विद्यार्थियाें को भोजन परोसने के लिए प्लेट और गिलास देने का फैसला लिया है। इसी कड़ी में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों से मिड डे मील का लाभ लेने वाले विद्यार्थियों का ब्योरा तलब किया है। इस आंकड़े के आधार पर प्लेट और गिलास खरीद के लिए बजट जारी होगा। वर्तमान में 5.59 लाख विद्यार्थियों को रोजाना मिड डे मील परोसा जाता है।