अब तक जिन रोगाणुओं को केवल पौधों तक सीमित माना जाता था, वे अब इंसानों में भी संक्रमण फैला सकते हैं। यह चौंकाने वाला खुलासा अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जर्नल आर्काइव्स ऑफ माइक्रोबायलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में किया गया है। यह अध्ययन बिना सीमाओं के पैथोजनः पौधों और इंसानों के पैथोजन के क्रॉस-किंगडम ट्रांसमिशन रणनीतियों और पैथोजेनिसिटी पर एक रिव्यू शीर्षक से प्रकाशित हुआ है। इस शोध में वैज्ञानिकों ने बताया है कि कुछ पौधों के रोगजनक बैक्टीरिया, फंगस और वायरस अवसर मिलने पर मानव शरीर को भी संक्रमित कर सकते हैं। विशेष रूप से उन लोगों को जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। वैज्ञानिक भाषा में इस प्रक्रिया को क्रॉस-किंगडम ट्रांसमिशन कहा जाता है, जिसमें रोगाणु एक जैविक साम्राज्य यानी पौधों से अन्यत्र यानी मनुष्यों में संक्रमण फैलाने की क्षमता विकसित कर लेते हैं। अध्ययन के अनुसार पैंटोआ, बर्खोल्डेरिया और एग्रोबैक्टीरियम जैसे बैक्टीरिया, तथा फ्यूसेरियम, एस्परगिलस और कर्क्युलरिया जैसे फंगस पौधों के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकते हैं। इसके अलावा कुछ पौधों के वायरस जैसे टोबैको मोजेक वायरस और पेपर माइल्ड मॉटल वायरस को भी मानव संक्रमण से जोड़ा गया है।